नेपाल भागने की फिराक में था फाल्टा का पुष्पा? आखिर कैसे दबोचा गया टीएमसी का पूर्व विधायक जहांगीर खान
Jahangir Khan Arrested: पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने टीएमसी नेता और फाल्टा के पूर्व विधायक जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया। उन पर जबरन वसूली, धमकी और राजनीतिक हिंसा समेत सात से अधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में कई अहम खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बने पूर्व विधायक और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जहांगीर खान को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से पकड़ लिया। लंबे समय से फरार चल रहे जहांगीर की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान के खिलाफ फाल्टा थाने में कई गंभीर मामले दर्ज थे। इनमें जबरन वसूली, लोगों को धमकी देना, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसे आरोप शामिल हैं। बताया जा रहा है कि उनके खिलाफ सात से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों के सामने आने के बाद से वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से दूर था और उसकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही थी।
फाल्टा का पुष्पा नाम से क्यों हुआ था मशहूर?
जहांगीर खान का नाम पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी काफी चर्चा में आया था। चुनाव प्रचार के समय उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह फिल्म पुष्पा के मशहूर डायलॉग की तर्ज पर यह कहते हुए दिखाई दिया था कि “पुष्पा झुकेगा नहीं।” इसके बाद इलाके में लोग उसे ‘फाल्टा का पुष्पा’ कहकर बुलाने लगे थे। आरोप है कि जहांगीर खान अपने नेटवर्क के जरिए इलाके में दहशत का माहौल बनाए रखता था। उस पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और प्रभाव का इस्तेमाल कर दबाव बनाने के भी आरोप लगाए जाते रहे हैं।
नेपाल भागने की कोशिश के दौरान हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों को हाल ही में सूचना मिली थी कि गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर खान नेपाल भागने की तैयारी कर रहा है। इसी खुफिया जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने कार्रवाई की और उसे नेपाल सीमा के नजदीक से गिरफ्तार कर लिया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों का संरक्षण मिला, वह किन-किन ठिकानों पर छिपा रहा और उसके संपर्क में कौन लोग थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान राजनीतिक हिंसा और संगठित अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जहांगीर खान की गिरफ्तारी के बाद दक्षिण 24 परगना के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
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