IPL 2027 का ऑक्शन गोवा में होगा, 3 साल बाद भारत लौटेगी नीलामी, दिसंबर में लगेगी खिलाड़ियों पर बोली
IPL 2027 के मिनी ऑक्शन को लेकर BCCI ने बड़ा ऐलान किया है। लगातार तीन साल विदेश में हुई नीलामी के बाद अब दिसंबर 2026 में खिलाड़ियों पर बोली गोवा में लगेगी। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने ऑक्शन के आयोजन की पुष्टि की है। इस बार फ्रेंचाइजियां मौजूदा स्क्वॉड में जरूरी बदलाव करने और खाली स्लॉट भरने पर फोकस करेंगी। ऑक्शन के साथ इम्पैक्ट प्लेयर नियम का भविष्य भी चर्चा में है। BCCI ने फ्रेंचाइजियों से इस नियम पर फीडबैक मांगा है और आने वाली बैठक में इसे जारी रखने, बदलने या हटाने पर फैसला हो सकता है।
इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL के अगले सीजन की तैयारियों के बीच खिलाड़ियों की नीलामी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। IPL 2027 का मिनी ऑक्शन दिसंबर में गोवा में आयोजित किया जाएगा। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि की है। लगातार तीन साल विदेश में ऑक्शन कराने के बाद अब BCCI ने नीलामी को भारत वापस लाने का फैसला किया है। IPL ऑक्शन की वापसी ऐसे समय हो रही है जब फ्रेंचाइजियां अगले सीजन के लिए अपनी टीमों में बदलाव की तैयारी कर रही हैं। यह मेगा ऑक्शन नहीं बल्कि मिनी ऑक्शन होगा, इसलिए टीमों के पास पहले से मौजूद खिलाड़ियों के बड़े हिस्से को बरकरार रखते हुए जरूरत के मुताबिक कुछ नए खिलाड़ियों को जोड़ने का मौका होगा।
तीन साल बाद भारत में होगी IPL की नीलामी
IPL ऑक्शन पिछले तीन साल से भारत के बाहर आयोजित किया जा रहा था। 2024 सीजन के लिए ऑक्शन दुबई में हुआ था। इसके बाद 2025 सीजन से पहले जेद्दा में मेगा ऑक्शन आयोजित किया गया, जबकि 2026 सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी अबूधाबी में हुई थी। अब 2027 सीजन के लिए नीलामी गोवा में होगी। इस तरह तीन लगातार विदेशी ऑक्शन के बाद IPL की नीलामी एक बार फिर भारत लौटेगी। इससे पहले भारत में आखिरी बार 2023 सीजन से पहले कोच्चि में ऑक्शन हुआ था। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि इस साल IPL ऑक्शन दिसंबर में गोवा में आयोजित किया जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक आयोजन करीब 15 दिसंबर के आसपास हो सकता है, हालांकि अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
गोवा को ही क्यों चुना गया?
भारत में IPL ऑक्शन वापस लाने की राह में सबसे बड़ी चुनौती आयोजन स्थल और होटल की उपलब्धता रही है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच देश में शादी और अन्य बड़े आयोजनों का सीजन रहता है। इस दौरान बड़े शहरों में पांच सितारा होटलों में पर्याप्त कमरे मिलना आसान नहीं होता। मिनी ऑक्शन के लिए भी BCCI और फ्रेंचाइजियों के प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था करनी होती है। यही वजह है कि ऑक्शन का वेन्यू तय करते समय होटल की उपलब्धता, टीमों के प्रतिनिधिमंडल के लिए सुविधाएं और आयोजन की लॉजिस्टिक्स अहम भूमिका निभाती हैं। गोवा इस लिहाज से BCCI के लिए एक व्यावहारिक विकल्प बना है। हालांकि ऑक्शन की सटीक तारीख और गोवा में आयोजन का अंतिम स्थल अभी घोषित नहीं किया गया है।
विदेश में ऑक्शन से फ्रेंचाइजियों को क्या परेशानी थी?
पिछले तीन साल तक ऑक्शन विदेश में आयोजित होने के कारण फ्रेंचाइजियों को अपने प्रतिनिधिमंडल को दूसरे देशों में ले जाना पड़ता था। इसमें यात्रा, होटल, टीम मैनेजमेंट और दूसरी ऑपरेशनल व्यवस्थाओं से जुड़ी अतिरिक्त चुनौतियां सामने आती थीं। BCCI और IPL गवर्निंग काउंसिल ने ऑक्शन को भारत वापस लाने के विकल्प पर पहले भी चर्चा की थी। IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी कहा था कि बोर्ड हर साल भारत में ऑक्शन कराने की कोशिश करता है, लेकिन शादी के सीजन में उपयुक्त वेन्यू उपलब्ध कराना चुनौती बन जाता है। मिनी ऑक्शन अपेक्षाकृत छोटा होने के कारण इस बार भारत में आयोजन की संभावना आसान हुई।
मिनी ऑक्शन में क्या बदलेगा?
मिनी ऑक्शन का मतलब यह नहीं है कि सभी टीमों की पूरी स्क्वॉड दोबारा तैयार की जाएगी। मेगा ऑक्शन की तरह बड़े स्तर पर खिलाड़ियों का पुनर्गठन नहीं होगा। फ्रेंचाइजियां अपने मौजूदा खिलाड़ियों में से बड़ी संख्या को बनाए रख सकती हैं और रिलीज या खाली स्लॉट के हिसाब से नए खिलाड़ियों को खरीदेंगी। टीमों का फोकस उन कमियों को दूर करने पर रहेगा, जो पिछले सीजन में सामने आई थीं। किसी टीम को अतिरिक्त तेज गेंदबाज की जरूरत हो सकती है, किसी को मध्यक्रम का बल्लेबाज चाहिए होगा तो कोई विदेशी खिलाड़ी या बैकअप विकल्प तलाश सकती है। यानी गोवा में होने वाला ऑक्शन टीमों की पूरी तस्वीर बदलने के बजाय मौजूदा स्क्वॉड में जरूरी बदलाव करने का मंच होगा।
2026 ऑक्शन में 77 स्लॉट खाली थे
2026 के ऑक्शन से पहले 10 फ्रेंचाइजियों ने कुल 173 खिलाड़ियों को रिटेन किया था। इसके बाद ऑक्शन में 77 स्लॉट खाली थे और सभी टीमों के पास मिलाकर 237.55 करोड़ रुपये का पर्स उपलब्ध था। 2027 के मिनी ऑक्शन में भी टीमों की रणनीति उनके रिटेंशन, रिलीज, ट्रेड और उपलब्ध पर्स पर निर्भर करेगी। इसलिए ऑक्शन से पहले फ्रेंचाइजियों के फैसले भी उतने ही महत्वपूर्ण होंगे जितनी गोवा में होने वाली बोली। 2027 सीजन के लिए फ्रेंचाइजियों के पास खिलाड़ियों को रिटेन करने और रिलीज करने के बाद उपलब्ध राशि का अंतिम हिसाब ऑक्शन से पहले स्पष्ट होगा।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर भी बड़ा फैसला बाकी
IPL 2027 से पहले सिर्फ ऑक्शन ही चर्चा में नहीं है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम का भविष्य भी अभी तय नहीं हुआ है। BCCI ने फ्रेंचाइजियों और दूसरे हितधारकों से इस नियम को लेकर फीडबैक मांगा है। इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीम मैच के दौरान एक खिलाड़ी को दूसरे खिलाड़ी से बदल सकती है। इससे टीमों को मैच की परिस्थिति के हिसाब से अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज का इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है। BCCI इस नियम पर फ्रेंचाइजियों का फीडबैक लेने के बाद फैसला करेगा। IPL चेयरमैन अरुण धूमल ने भी कहा था कि इस मामले में सभी हितधारकों की राय लेने के बाद निर्णय किया जाएगा।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर क्यों है बहस?
इम्पैक्ट प्लेयर नियम के समर्थकों का तर्क है कि इससे टीमों को मैच के दौरान ज्यादा रणनीतिक विकल्प मिलते हैं। जरूरत के मुताबिक बल्लेबाज या गेंदबाज को इस्तेमाल करने की वजह से टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अतिरिक्त विकल्प मिल जाता है। वहीं इस नियम की आलोचना करने वालों का कहना है कि इससे ऑलराउंडरों की भूमिका प्रभावित हो सकती है। जब टीम जरूरत के हिसाब से विशेषज्ञ बल्लेबाज या गेंदबाज को मैच के दौरान शामिल कर सकती है, तो एक ऐसे खिलाड़ी की उपयोगिता पर असर पड़ सकता है जो दोनों विभागों में योगदान देता है। इसी वजह से BCCI ने नियम को लेकर दोबारा फ्रेंचाइजियों से राय मांगी है। इस पर अंतिम फैसला IPL गवर्निंग काउंसिल की आगामी बैठक में होने की उम्मीद है।
IPL 2027 का सीजन कब शुरू होगा?
ऑक्शन की तैयारियों के साथ IPL 2027 के सीजन को लेकर भी BCCI ने संकेत दिया है। BCCI सचिव देवजीत सैकिया के अनुसार अगले साल IPL का आयोजन मार्च के आखिरी सप्ताह से शुरू हो सकता है। हालांकि पूरे टूर्नामेंट का विस्तृत कार्यक्रम अभी जारी नहीं किया गया है। IPL 2027 टूर्नामेंट का 20वां संस्करण भी होगा। BCCI ने इसे विशेष तरीके से आयोजित करने की योजनाओं पर चर्चा की है।
अब नजरें फ्रेंचाइजियों के अगले फैसलों पर
गोवा में दिसंबर में होने वाला मिनी ऑक्शन भले ही मेगा ऑक्शन जितना बड़ा नहीं होगा, लेकिन फ्रेंचाइजियों के लिए यह अपनी टीम की कमजोरियों को दूर करने का अहम मौका रहेगा। आने वाले समय में खिलाड़ियों को रिटेन करने, रिलीज करने और ट्रेड करने के फैसले ऑक्शन की तस्वीर तय करेंगे। इसके साथ ही इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर BCCI का फैसला भी टीमों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। अगर नियम में बदलाव होता है या इसे हटाया जाता है तो फ्रेंचाइजियों को अपनी टीम संरचना और प्लेइंग कॉम्बिनेशन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल इतना तय है कि तीन साल तक विदेश में होने के बाद IPL की नीलामी दिसंबर 2026 में भारत लौट रही है और इस बार खिलाड़ियों पर बोली गोवा में लगेगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
