नोएडा में स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत, ड्राइवर पर गंभीर सवाल

नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर एयरपोर्ट के पास स्लीपर AC बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे के वक्त बस में करीब 35 यात्री सवार थे, जिनमें से 20 को रेस्क्यू किया गया। FIR में यात्री ने आरोप लगाया कि बस में पहले से जलने की गंध आ रही थी और यात्रियों के विरोध के बावजूद ड्राइवर ने तुरंत बस नहीं रोकी। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। हादसे के बाद बस के पुराने रिकॉर्ड की जांच में 19 चालान और करीब 1.75 लाख रुपये के जुर्माने की जानकारी सामने आई है। बस के दस्तावेजों और AC में स्पार्क या ब्लास्ट से आग लगने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

Sep 24, 2026 - 12:05
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नोएडा में स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत, ड्राइवर पर गंभीर सवाल

नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार रात एक स्लीपर AC बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसा इतना भीषण था कि बस में सवार 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मरने वालों में 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। हादसे के वक्त बस में करीब 35 यात्री सवार थे। 20 यात्रियों को रेस्क्यू कर लिया गया, जबकि कुछ यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। हादसा रात करीब 11:30 बजे जेवर एयरपोर्ट से लगभग 500 मीटर की दूरी पर हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रात करीब 9:30 बजे महोबा के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती जांच में आग की वजह AC में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन तक पहुंची आग बताई जा रही है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।

जलने की गंध के बाद भी नहीं रोकी गई बस
FIR में दर्ज यात्री सुनील कुमार के बयान ने हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनील के मुताबिक बस में आग लगने से पहले ही जलने जैसी गंध आ रही थी। यात्रियों ने ड्राइवर और क्लीनर को इसकी जानकारी दी थी। यात्री का आरोप है कि उस समय ड्राइवर और क्लीनर सिगरेट पी रहे थे। यात्रियों ने उन्हें सिगरेट पीने से रोका, लेकिन दोनों कथित तौर पर हंसने लगे। इसके कुछ देर बाद बस में आग लग गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि आग लगने के बाद भी ड्राइवर ने बस को तुरंत नहीं रोका। जब आग तेजी से फैलने लगी तो यात्रियों ने अपनी जान बचाने के लिए बस के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए। इसके बाद बस को रोका गया और यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। 

बस के अंदर मची अफरा-तफरी, खिड़कियां तोड़कर निकले यात्री 
स्लीपर बस होने की वजह से यात्रियों के लिए आग लगने के बाद बाहर निकलना आसान नहीं था। देखते ही देखते आग ने बस के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर धुआं भरने लगा और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने बस के शीशे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ यात्रियों को मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि बस में फंसे 9 यात्रियों को बचाया नहीं जा सका। आग इतनी भीषण थी कि अंदर मौजूद शव बुरी तरह झुलस गए। उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। पुलिस अब शवों की पहचान के लिए जरूरी प्रक्रिया कर रही है। 

45 मिनट में बुझी आग, करीब 2 घंटे चला रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया। लेकिन आग बुझने के बाद भी राहत और बचाव का काम आसान नहीं था। बस का पिछला हिस्सा काटकर फायरकर्मी अंदर पहुंचे। इसके बाद एक-एक करके शवों को बाहर निकाला गया। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब दो घंटे तक चला। चीफ फायर ऑफिसर प्रदीप कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में AC में स्पार्क या ब्लास्ट होने के बाद इंजन में आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग की सटीक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

बस में 35 यात्री, 9 की मौत और 20 का रेस्क्यू
पुलिस के मुताबिक हादसे के वक्त बस में करीब 35 यात्री मौजूद थे। आग लगने के बाद 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया। कुछ यात्रियों ने खुद बस की खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आग की वजह से शवों की स्थिति बेहद खराब है, इसलिए मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। 

बस के खिलाफ पहले से कट चुके थे 19 चालान
हादसे के बाद बस के पुराने रिकॉर्ड ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक जिस बस में आग लगी, उसके खिलाफ पहले से 19 चालान दर्ज थे। इन चालानों पर कुल करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना बताया जा रहा है। ऐसे में अब जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बस के दस्तावेज, फिटनेस और संचालन से जुड़े नियमों का पालन किस तरह किया जा रहा था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय बस पूरी तरह वैध दस्तावेजों और जरूरी सुरक्षा मानकों के साथ चल रही थी या नहीं। 

ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने बस के ड्राइवर पवन और कंडक्टर योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग लगने के समय ड्राइवर ने बस को कितनी देर बाद रोका, यात्रियों ने कब आग की जानकारी दी और बस में मौजूद सुरक्षा उपकरणों ने उस समय किस तरह काम किया। यात्रियों के बयान और बस की तकनीकी जांच को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक बस मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स की है। बस का नंबर BR 32 PA 8647 बताया गया है। दस्तावेजों के मुताबिक इसका रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी जिले में हुआ है, जबकि बस मध्य प्रदेश से संचालित होती थी। बस नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस डिपो से महोबा के लिए चलती थी। यानी बस के संचालन और दस्तावेज अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान से और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ था। अब इन सभी दस्तावेजों की वैधता और उनकी स्थिति की जांच की जा रही है। 

जेवर एयरपोर्ट के पास हुआ हादसा
हादसे की जगह भी बेहद महत्वपूर्ण है। बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर जेवर एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर की दूरी पर थी, तभी उसमें आग लगी। रात का समय होने और बस के स्लीपर होने की वजह से यात्रियों के लिए खतरा और बढ़ गया। आग लगने के बाद कुछ ही समय में बस का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक बस में लगी आग काफी फैल चुकी थी। दमकलकर्मियों ने पहले आग को नियंत्रित किया और इसके बाद अंदर फंसे यात्रियों को निकालने का काम शुरू किया। 

AC में स्पार्क या ब्लास्ट से आग लगने की आशंका
शुरुआती जांच में बस के AC सिस्टम को आग की संभावित वजह माना जा रहा है। CFO प्रदीप कुमार के मुताबिक AC में स्पार्क या ब्लास्ट होने के बाद इंजन में आग लगने की आशंका है। हालांकि यह अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है। आग लगने की वास्तविक वजह जानने के लिए बस की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में इलेक्ट्रिकल सिस्टम, AC यूनिट, इंजन और अन्य हिस्सों की स्थिति देखी जाएगी। 

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल- क्या समय रहते बच सकती थी जान?
इस हादसे में आग लगने की वजह जितना बड़ा सवाल है, उतना ही बड़ा सवाल यह भी है कि यात्रियों को आग की जानकारी मिलने के बाद बस को तुरंत क्यों नहीं रोका गया। FIR में दर्ज यात्री के बयान में जलने की गंध महसूस होने, ड्राइवर और क्लीनर के सिगरेट पीने तथा यात्रियों के विरोध के बावजूद बस चलती रहने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। अगर आग लगने के शुरुआती संकेत पहले ही मिल गए थे, तो उस समय बस को रोकने, यात्रियों को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की प्रक्रिया क्या थी, यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। फिलहाल पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। बस के पुराने चालान और दस्तावेजों की भी जांच हो रही है। हादसे की तकनीकी वजह और लापरवाही से जुड़े आरोपों पर जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। 

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content