हिंदू दूल्हा, पिता मुस्लिम, फेरों से ठीक पहले पठानी सूट पहन शादी में हुआ शरीक... देखते ही भड़क गए लड़की वाले
Uttar Pradesh News: बिजनौर में शादी के दौरान दूल्हे के पिता की वेशभूषा को लेकर विवाद हो गया। फेरों की रस्म रोक दी गई और दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और अगली सुबह शादी संपन्न हुई। किसी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई।
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शादी समारोह अचानक विवाद में बदल गया। नगीना क्षेत्र के एक बैंक्वेट हॉल में फेरों से ठीक पहले दूल्हे के पिता की वेशभूषा को लेकर हंगामा हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि शादी की रस्में बीच में रोकनी पड़ीं और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कुछ लोग नाराज होकर मौके से चले भी गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और कई घंटों की बातचीत के बाद मामला शांत कराया गया। अंततः अगली सुबह शांतिपूर्ण तरीके से विवाह संपन्न हुआ।
वेशभूषा बनी विवाद की जड़
घटना 24 अप्रैल की रात करीब 3 बजे की है, जब फेरों की रस्म शुरू होने वाली थी। इसी दौरान दूल्हे के पिता अनिल चौहान लंबी दाढ़ी, पठानी सूट और पठानी साफा पहनकर मंडप में पहुंचे। उनकी इस वेशभूषा को देखकर दुल्हन पक्ष के लोग असहज हो गए और इसे मुस्लिम पहचान से जोड़ते हुए फेरों की रस्म रुकवा दी।
दोनों पक्षों में बढ़ा तनाव
देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दुल्हन पक्ष के कई लोग नाराज होकर कार्यक्रम स्थल छोड़कर घर लौट गए। शादी टूटने जैसी स्थिति बन गई थी।
प्रेम विवाह था, पहले सब सामान्य
दूल्हा अंकुर चौहान नजीबाबाद के महापुर गांव का रहने वाला है, जबकि दुल्हन साक्षी नगीना के पखनपुर की निवासी है। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और परिवार की सहमति से यह प्रेम विवाह तय हुआ था। शुरुआत में समारोह सामान्य तरीके से चल रहा था।
पिता ने बताई अपनी स्थिति
पूछताछ में दूल्हे के पिता अनिल चौहान ने बताया कि उन्होंने लगभग 25 साल पहले अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म अपनाया था। वे लंबे समय से मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करते हैं और मस्जिद जाते हैं। हालांकि, परिवार के बाकी सदस्य अब भी हिंदू धर्म का पालन करते हैं।
पुलिस ने संभाला मामला
सूचना मिलते ही नगीना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की। कई घंटों की बातचीत के बाद मामला शांत हुआ। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे फेरों की रस्म शांतिपूर्वक पूरी कर ली गई और शादी संपन्न हो गई।
क्या थी दुल्हन पक्ष की चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, दुल्हन पक्ष को आशंका थी कि भविष्य में पूरा परिवार धर्म परिवर्तन कर सकता है। हालांकि दूल्हे ने स्पष्ट किया कि उसके पिता के बावजूद परिवार के अन्य सदस्य हिंदू ही रहेंगे। थानाध्यक्ष अवनीत मान ने बताया कि दोनों पक्षों में सहमति बन गई है और कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
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