'गड़बड़ करने वालों को मुस्कुराने की जरूरत नहीं', ब्रह्मोस का जिक्र कर लखनऊ में गरजे ब्रजेश पाठक, KGMU से बोले- कंप्यूटर से सेट होगा निशाना
लखनऊ में KGMU के दीक्षांत समारोह में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्रह्मोस मिसाइल, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और लखनऊ के विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने डॉक्टरों की जिम्मेदारी से लेकर कानपुर एक्सप्रेसवे तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
लखनऊ की पहचान कभी अपनी तहजीब और मुस्कान के लिए होती थी। शहर के लिए मशहूर लाइन थी- मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं। लेकिन अब इसी लखनऊ में बन रही आधुनिक तकनीक और रक्षा उत्पादन को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सोमवार को बड़ा बयान दिया। KGMU के 22वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे डिप्टी सीएम ने ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए कहा कि अब लखनऊ में मिसाइलें बन रही हैं और जो भी गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, उसे इसका जवाब मिल सकता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ के लिए पहले कहा जाता था कि मुस्कुराइए आप लखनऊ में हैं। अब यहां रक्षामंत्री की वजह से मिसाइलें बन रही हैं। जो गड़बड़ करने वाला होगा, उसे मुस्कुराने का जरूरत नहीं है। उसे उल्टा बयाना मिल सकता है।
'ब्रह्मोस को निशाना लगाने के लिए भी जरूरत नहीं पड़ेगी...'
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ब्रह्मोस मिसाइल की तकनीक का उदाहरण देते हुए कहा कि इसमें सीधे कंप्यूटर से निशाना तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल से निशाना लगाने की भी जरूरत नहीं। सीधे कंप्यूटर से निशाना लगता है। बस कंप्यूटर से सेट कर देंगे कि आतंकवादी वहां सो रहा है। उसके कमरे में घुसते हुए सीधे खटिया में मिसाइल लग जाएगी। उनका यह बयान KGMU के अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान आया।
राजनाथ सिंह की मौजूदगी में हुआ KGMU का दीक्षांत समारोह
KGMU के 22वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। समारोह में कुल 54 मेडल और 1701 डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रहे। इस दौरान स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी समारोह को संबोधित किया।
'KGMU को किंग जॉर्ज ने नहीं बनाया था'
स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने KGMU के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों में एक धारणा है कि इसे किंग जॉर्ज ने बनाया था। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी नाम से लोग सोचते होंगे कि इसे किंग जॉर्ज ने बनाया था। आपको बता दूं कि इसे बनाने में किंग जॉर्ज ने चवन्नी नहीं दी थी। वहीं चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में योगदान के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम श्रीनिवास को मानद विज्ञान वाचस्पति (डी. एससी) की उपाधि दी गई।
राज्यपाल की ट्रेन यात्रा का जिक्र, बोले- देशभर में गया संदेश
ब्रजेश पाठक ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ट्रेन यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारी राज्यपाल ने नया चलन शुरू किया है। इससे देश में संदेश जाएगा। इनका कहना है कि जितना हो सके पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना चाहिए। ये अभी कानपुर गई थीं तो ट्रेन से गईं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के ट्रेन से सफर करने की तस्वीर पूरे देश में पहुंची और इससे यह संदेश गया कि एक राज्यपाल भी आम नागरिकों के साथ यात्रा कर सकती हैं।
डॉक्टरों से बोले- पहले मरीज देखें, पर्चा बाद में बनवाएं
दीक्षांत समारोह में डॉक्टरों को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने मरीजों की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से यही अनुरोध रहता है कि मरीज के पास दौड़ के मरीज को देखें। पर्चा बाद में बनवाएं। इससे ईश्वर आपको आशीर्वाद देंगे। उन्होंने KGMU में आने वाले मरीजों की संख्या का जिक्र करते हुए कहा कि यहां रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा में रोज शाम को ऐसा लगता है जैसे जुलूस निकल रहा हो। उसके बावजूद आपकी सेवा जारी रहती है।
27 मिनट में कानपुर पहुंचने का दावा, राजनाथ सिंह की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान ब्रजेश पाठक ने लखनऊ-कानपुर कनेक्टिविटी को लेकर भी बात रखी। उन्होंने डॉक्टरों से पूछा, "आप लोग कानपुर गै होइयो? कै घंटा लगत है? डेढ़ से दु घंटा।" इसके बाद उन्होंने कहा कि अब बड़ा बदलाव आने वाला है। उन्होंने कहा कि आपको पता है मैं टेस्ट ड्राइव के लिए गया था। 27 मिनट में कानपुर पहुंच गया। मतलब अब जहाज, हेलिकॉप्टर की जरूरत ही नहीं है। उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे गार्जियन राजनाथ सिंह ने लखनऊ को आपने जो दिया है, हम उसका जीवनभर कर्ज नहीं उतार पाएंगे।
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