'78 साल में किसी सरकार ने नहीं की गौमाता की रक्षा', लखीमपुर में शंकराचार्य का सरकारों पर हमला, बोले- हर पार्टी को रिजेक्ट कर गौभक्त को दें वोट
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गविष्ठि यात्रा के दौरान शुक्रवार को शाहजहांपुर और लखीमपुर खीरी में कई जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराते हुए केंद्र और प्रदेश सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 78 वर्षों में किसी भी सरकार ने गौमाता, वेद और सनातन धर्म की वास्तविक रक्षा नहीं की। शंकराचार्य ने लोगों से आगामी चुनावों में केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के लिए समर्पित उम्मीदवारों का समर्थन करने की अपील की।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शुक्रवार को अपनी 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के दौरान लखीमपुर खीरी में आयोजित धर्मसभा में केंद्र और प्रदेश सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से पिछले 78 वर्षों में सत्ता बदलती रही, लेकिन गौमाता की रक्षा और सनातन धर्म से जुड़े मूल विषयों पर किसी भी सरकार ने अपेक्षित कार्य नहीं किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि आगामी चुनावों में केवल राजनीतिक दल नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध उम्मीदवारों का समर्थन करें।
'सच्चा हिंदू पहले दिन गाय को घोषित करेगा माता'
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सनातन परंपरा का प्रतिनिधि मानता है तो उसे सत्ता में आते ही गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सरकारें वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी गाय को केवल पशु मानती हैं, उन्हें जनता को अपने मताधिकार के माध्यम से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वोट केवल सरकार बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का सबसे प्रभावी लोकतांत्रिक हथियार है।
धर्माचार्यों से की राजनीतिक एजेंडे से ऊपर उठने की अपील
शंकराचार्य ने कहा कि धर्म की रक्षा किसी राजनीतिक दल के एजेंडे से नहीं, बल्कि धर्माचार्यों के नेतृत्व से होगी। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा संघर्ष बौद्धिक स्तर पर चल रहा है, जिसके कारण समाज अपनी भाषा, परंपराओं और धार्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। उन्होंने वेद, गौ और ब्राह्मण को सनातन धर्म का मूल आधार बताते हुए इनके संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
भारतीय बजरंग दल के गठन का किया स्वागत
धर्मसभा के दौरान शंकराचार्य ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के उद्देश्य से गठित भारतीय बजरंग दल के गठन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे संगठनों की आवश्यकता है जो राष्ट्र, धर्म और गौ संरक्षण के लिए समर्पित होकर कार्य करें। उन्होंने महर्षि दधीचि का उदाहरण देते हुए युवाओं से सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
शाहजहांपुर से लखीमपुर तक कई विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे
शुक्रवार को गविष्ठि यात्रा की शुरुआत शाहजहांपुर जिले की पुवांया विधानसभा से हुई। इसके बाद शंकराचार्य का काफिला लखीमपुर खीरी जिले में प्रवेश करते हुए गोला गोकर्णनाथ, पलिया, निघासन, धौरहरा, श्रीनगर और लखीमपुर सदर विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरा। प्रत्येक स्थान पर धर्मसभा, जनसभा और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने और गौरक्षा कानून को और प्रभावी बनाने की मांग दोहराई गई। देर शाम यात्रा लखीमपुर शहर स्थित द लिगेन्सी गेस्ट हाउस पहुंची, जहां उनके रात्रि विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है।
सपा नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने किया स्वागत
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजवादी पार्टी के नेताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और हजारों श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का स्वागत किया। पुवांया में सपा नेता गोपाल अग्निहोत्री, गोला गोकर्णनाथ में सपा जिलाध्यक्ष रामपाल यादव और पूर्व चेयरमैन अनीता यादव, पलिया में प्रीतेंद्र सिंह, निघासन में आर.एस. कुशवाहा, श्रीनगर में पूर्व विधायक रामसरन तथा लखीमपुर सदर में सांसद उत्कर्ष वर्मा, सांसद आनंद भदौरिया, पूर्व एमएलसी शशांक यादव और अन्य नेताओं ने पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। पूरे यात्रा मार्ग में बड़ी संख्या में गौभक्त और श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
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