प्रयागराज में 22 दिन के अंदर दो भाइयों की मौत, सपा विधायक पर दर्ज हुई हत्या की FIR, तीसरा भाई बोला- 2 करोड़ की जमीन बनी हत्या की वजह
प्रयागराज के हंडिया में 22 दिनों के भीतर दो सगे भाइयों की फंदे से लटककर हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। अब परिवार ने सपा विधायक हाकिम लाल बिंद पर 2 करोड़ की पुश्तैनी जमीन के विवाद में हत्या कराने का आरोप लगाया है। आखिर जमीन का झगड़ा, दो मौतें और राजनीति के बीच क्या है पूरा सच?
प्रयागराज के हंडिया विधानसभा क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने राजनीति और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज 22 दिनों के भीतर एक ही परिवार के दो सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकी लाश मिलने के बाद मामला अब हत्या की एफआईआर तक पहुंच गया है। मृतकों के परिवार ने सीधे तौर पर हंडिया से समाजवादी पार्टी के विधायक हाकिम लाल बिंद पर हत्या कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि करीब दो करोड़ रुपये कीमत की पुश्तैनी जमीन पर कब्जे के विवाद में पूरे परिवार को लगातार धमकियां दी जा रही थीं और आखिरकार दो भाइयों की जान चली गई। उधर विधायक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। ऐसे में अब यह मामला केवल दो संदिग्ध मौतों का नहीं, बल्कि जमीन, सत्ता, दबाव और राजनीति के टकराव का रूप ले चुका है।
22 दिन के अंदर हुई दोनों भाइयों की मौत
हंडिया थाना क्षेत्र के बनपुरवा गांव निवासी इंद्रजीत के परिवार में पहली त्रासदी 9 जून को हुई। परिवार के सबसे छोटे बेटे 28 वर्षीय संतोष कुमार का शव घर से करीब 150 मीटर दूर नीम के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। यह घटना उसकी शादी के महज दो दिन बाद सामने आई थी। परिवार उस समय भी हत्या की आशंका जता रहा था, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया। इसके ठीक 22 दिन बाद परिवार पर दूसरा बड़ा सदमा तब टूटा, जब बड़े भाई 32 वर्षीय सुशील कुमार का शव घर के पास बने टीन शेड में दुपट्टे के सहारे लटका मिला। एक ही परिवार के दो बेटों की लगातार हुई मौत ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी। परिजनों ने इस बार खुलकर हत्या का आरोप लगाया और पुलिस के खिलाफ भी नाराजगी जताई।
तीसरे भाई ने दर्ज कराई एफआईआर
दोनों मृतकों के मंझले भाई सुनील कुमार उर्फ दारा ने हंडिया थाने में तहरीर देकर सपा विधायक हाकिम लाल बिंद समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में विधायक के अलावा उनकी रिश्तेदार बताई जा रही गायिका सुमित्रा नंदिनी, उनके भाई अमित गौतम, गौरी और संजय गौतम को भी नामजद किया गया है। सुनील कुमार का आरोप है कि विधायक और उनके सहयोगी लंबे समय से पूरे परिवार को धमका रहे थे। उनका कहना है कि संतोष को शादी से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि यदि उसने शादी की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। शादी के तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि पहली घटना के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई और 22 दिन बाद बड़े भाई सुशील की भी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया।
परिवार का दावा- 2 करोड़ की जमीन पर कब्जे का विरोध पड़ गया भारी
मामले की सबसे बड़ी वजह परिवार करीब चार बीघा आठ बिस्वा पुश्तैनी जमीन को बता रहा है। परिजनों के मुताबिक यह जमीन मृतकों की मां लालती देवी, उनकी बहनों रामदुलारी और प्रभावती देवी के नाम दर्ज है। वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से इसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। परिवार का आरोप है कि इस जमीन पर विधायक और उनके समर्थकों ने कब्जा कर लिया था। मामला अदालत में विचाराधीन है और परिवार लगातार केस की पैरवी कर रहा था। आरोप है कि इसी वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था।
पहली मौत भी बनी थी बड़ा सवाल
संतोष कुमार की शादी 7 जून को हुई थी। अगले दिन दुल्हन की विदाई के बाद वह अचानक लापता हो गया। 9 जून को उसका शव पेड़ से लटका मिला। उस समय भी परिवार ने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं थे। अब जब दूसरे भाई की भी उसी तरह संदिग्ध मौत हुई है तो परिवार दोनों घटनाओं को एक ही साजिश का हिस्सा बता रहा है। मृतकों की मां लालती देवी का कहना है कि उनके दोनों बेटों की हत्या की गई और बाद में शवों को आत्महत्या का रूप देने के लिए फंदे से लटका दिया गया।
विधायक बोले- राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कराया गया मुकदमा
सपा विधायक हाकिम लाल बिंद ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह पूरा मामला राजनीतिक विरोधियों द्वारा रची गई साजिश है। विधायक का आरोप है कि कुछ भाजपा नेता उन्हें बदनाम करने के लिए परिवार को आगे कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस जमीन को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह सरकारी चारागाह की भूमि थी, जिस पर परिवार का कब्जा था। प्रशासन ने जांच के बाद उस जमीन को सरकारी कब्जे में लेकर वहां गौशाला का निर्माण कराया था। विधायक का कहना है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और प्रशासन के पास इससे जुड़े सभी दस्तावेज मौजूद हैं।
पुलिस बोली- हर पहलू की होगी जांच
हंडिया के एसीपी शेषधर पांडेय ने बताया कि मृतकों के परिजनों की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब जमीन विवाद, दोनों मौतों की परिस्थितियों, पुराने मुकदमों और लगाए गए आरोपों सहित सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
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