बिहार वोटर लिस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव आयोग को SIR का पूरा अधिकार

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया को सही ठहराते हुए चुनाव आयोग की शक्तियों को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए वोटर लिस्ट की शुद्धता जरूरी है और आयोग ने कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया।

May 27, 2026 - 09:57
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बिहार वोटर लिस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, चुनाव आयोग को SIR का पूरा अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में बिहार में वोटर लिस्ट की ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ यानी SIR प्रक्रिया को सही ठहराते हुए चुनाव आयोग की शक्तियों को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के पास वोटर लिस्ट की गहन जांच और संशोधन कराने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। याचिकाओं में दावा किया गया था कि संविधान के अनुच्छेद 326 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत चुनाव आयोग को इतने बड़े स्तर पर SIR कराने का अधिकार नहीं है।

निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है शुद्ध वोटर लिस्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुनाव आयोग ने बिहार में SIR कराकर किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है। अदालत के मुताबिक, इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाना है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सके। कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल मतदान की प्रक्रिया पर निर्भर नहीं करती, बल्कि वोटर लिस्ट की शुद्धता और सत्यनिष्ठा भी उतनी ही जरूरी है। अदालत ने माना कि पिछले कई दशकों में बड़े पैमाने पर नाम जुड़ने और हटने, शहरीकरण और प्रवासन की वजह से वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की संभावना बढ़ी है।

ADR समेत कई याचिकाएं हुई थीं दाखिल
इस मामले में चर्चित NGO एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR समेत कई याचिकाएं दाखिल की गई थीं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने 29 जनवरी को लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। पिछले साल 12 अगस्त से इस मामले पर अंतिम बहस शुरू हुई थी। उस दौरान कोर्ट ने भी कहा था कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना या हटाना चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है।

65 लाख वोटर्स के नाम हटाने पर उठा था विवाद
SIR प्रक्रिया के बाद चुनाव आयोग ने उन 65 लाख लोगों की सूची जारी की थी, जिनके नाम बाद में प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, जिन लोगों का नाम 2002 या 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं था, उन्हें अपने पुश्तैनी संबंध का प्रमाण देना था। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया NRC जैसी है और चुनाव आयोग नागरिकता की जांच कर रहा है, जबकि यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है। ADR की ओर से पेश वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने प्रक्रिया की समयसीमा और हटाए गए वोटर्स के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए थे।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।