ललिता हत्याकांड पर गरमाई यूपी की सियासत, इकरा हसन ने पीड़ित परिवार को अखिलेश से मिलवाया, सपा मुखिया बोले- सदन में उठाएंगे मामला,
मेरठ की बीए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड अब सियासी मुद्दा बनता जा रहा है। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई और SSP के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाते हुए कई बड़े ऐलान किए। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अखिलेश यादव से मुलाकात में परिवार ने क्या बताया और क्यों SSP पर उठ रहे हैं सवाल...
मेरठ की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। शनिवार सुबह समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर ललिता के परिवार से मुलाकात की। करीब 1 घंटे 15 मिनट तक चली इस मुलाकात में पीड़ित परिवार ने पूरी घटना और पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी बात रखी। अखिलेश यादव ने परिवार को आर्थिक मदद के तौर पर 2 लाख रुपए का चेक सौंपा और ललिता के पिता को भरोसा दिलाया कि उनकी बेटी को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात अखिलेश यादव ने खुद पीड़ित परिवार को फोन कर दिल्ली बुलाया था। कैराना सांसद इकरा हसन ललिता के माता-पिता और भाई को लेकर दिल्ली पहुंचीं, जहां परिवार ने अखिलेश यादव के सामने अपनी पीड़ा रखी।
अखिलेश का परिवार को भरोसा- सरकार बनी तो देंगे नौकरी
मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने ललिता के पिता से कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ, उसमें न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। अखिलेश यादव ने मेरठ SSP अविनाश पांडेय के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस से जनता न्याय की उम्मीद करती है, अगर वही अधिकारी अन्याय और अहंकार का व्यवहार करेंगे तो लोगों का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो सामने आने से यूपी पुलिस की छवि प्रभावित हुई है और इससे संवेदनशील पुलिसकर्मी भी शर्मिंदा हैं।
अखिलेश ने सदन में मामला उठाने की बात कही
सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने परिवार को बताया कि आरोपी अंकुश के भाई अंकित, जो PAC में तैनात है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट के बाहर ललिता के लिए न्याय मांग रहे लोगों पर लाठीचार्ज और मारपीट की गई। जिन 13 लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके मामलों को हटाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रहेगी।
अखिलेश ने X पर लिखा- ‘मेरठ की बेटी के साथ महा-अत्याचार हुआ’
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए सरकार और पुलिस व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि जब वो खुद ही बेलगाम हैं, जिसके हाथ में लगाम है तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान है। मेरठ की बेटी’ के साथ महा-अत्याचार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों पर कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि न्याय की मांग करने वालों पर गंभीर धाराओं में केस लगाया गया। अखिलेश ने आगे लिखा कि यह नाइंसाफी की पराकाष्ठा है और पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।
इकरा हसन का आरोप- SSP के रवैये से डरा हुआ है परिवार
कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि मेरठ SSP के रवैये के बाद पीड़ित परिवार काफी डरा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि SSP ने पीड़ित परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इकरा हसन ने कहा कि पहली बार किसी IPS अधिकारी का ऐसा रवैया देखने को मिला है और ऐसे अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए थर्ड ईयर की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव में गन्ने के खेत से ललिता का शव बरामद हुआ। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के दौरान मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया कि ललिता से उसकी करीब तीन साल से दोस्ती थी और दूसरे युवक से बातचीत को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की।
कलेक्ट्रेट प्रदर्शन के बाद SSP पर लगे आरोप
8 जुलाई को ललिता के परिजनों और समर्थकों ने मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। इस दौरान SSP अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SSP ने लोगों के साथ मारपीट की और थप्पड़ मारे। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया।
'कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को नहीं बख्शेंगे'
मेरठ SSP अविनाश पांडेय ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ हुई है और हर कार्रवाई के साक्ष्य उनके पास मौजूद हैं। SSP ने कहा कि जो लोग उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी कर रहे हैं, उनकी काउंसलिंग करने की कोशिश करेंगे, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण की अपील करते हुए कहा कि उनके समर्थक एक पेड़ लगाएं और विरोध करने वाले दो पेड़ लगाएं। उन्होंने कहा कि गुस्से की ऊर्जा समाज के लिए इस्तेमाल करनी चाहिए, न कि कानून व्यवस्था खराब करने में।
चंद्रशेखर आजाद भी कर चुके हैं मुलाकात
इससे पहले 10 जुलाई को आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी मेरठ पहुंचकर ललिता के परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर न्याय नहीं मिला तो लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा और मामला संसद में भी उठाया जाएगा।
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