योगी आदित्यनाथ की शंकराचार्य ने की तारीफ, गविष्ठि यात्रा में गौहत्या और गौसेवा पर उठाए सवाल, बोले - गौहत्या रोकने वालों को दें वोट
गविष्ठि यात्रा के दौरान शामली पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौहत्या रोकने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और हर विधानसभा में गौधाम बनाने की मांग की। उन्होंने चुनाव में गौ संरक्षण के मुद्दे पर मतदान की अपील भी की।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा शुक्रवार को मेरठ और शामली जिले की पांच विधानसभा सीटों से होकर गुजरी। यात्रा की शुरुआत हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र से हुई और सरधना होते हुए शामली जिले की सदर, कैराना तथा थानाभवन विधानसभा पहुंची, जहां रात्रि विश्राम का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। शुक्रवार को गविष्ठि यात्रा ने हस्तिनापुर, सरधना, शामली सदर, कैराना और थानाभवन विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए। प्रत्येक सभा में शंकराचार्य ने गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के अभियान को लेकर लोगों से समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पूरे उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों तक पहुंचेगी और गौ रक्षा के लिए जनजागरण का कार्य करेगी।
गौहत्या रोकने वालों को ही वोट देने की अपील
शामली में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने लोगों से अपील की कि आगामी चुनाव में ऐसी सरकार को वोट न दें, जिसके शासनकाल में गौहत्या जारी रही हो। उन्होंने कहा कि जनता को उन नेताओं और दलों का समर्थन करना चाहिए जो गौमाता की रक्षा करें और उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि उनकी गविष्ठि यात्रा अब तक उत्तर प्रदेश की लगभग 225 विधानसभा सीटों तक पहुंच चुकी है और जल्द ही प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनजागरण किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में दिखाया जा रहा हिंदुत्व राजनीतिक है और वास्तविक गौसेवा के लिए सरकारों को ठोस फैसले लेने होंगे।
हर विधानसभा में बने गौधाम
शंकराचार्य ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण को लेकर गंभीर है तो प्रदेश की प्रत्येक विधानसभा में एक-एक गौधाम स्थापित किया जाना चाहिए। इससे निराश्रित गोवंश को संरक्षण मिलेगा और गौहत्या पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत और मोहल्ले में गौवीर नियुक्त करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि देश में पहले गौहत्या पूरी तरह बंद होनी चाहिए, उसके बाद ही हिंदू राष्ट्र जैसे मुद्दों पर चर्चा सार्थक होगी। गौमाता की रक्षा और सम्मान के बिना हिंदू राष्ट्र की कल्पना अधूरी है।
राम मंदिर ट्रस्ट और राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित चंदा गड़बड़ी के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में शंकराचार्य ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या दौरे के दौरान ट्रस्ट पदाधिकारियों से मुलाकात न करने के फैसले को उन्होंने सराहनीय बताया। उनका कहना था कि जिन लोगों पर आरोप लगे हों, उनसे दूरी बनाए रखना उचित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बातचीत को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
गौ मतदाता बनने का किया आह्वान
अपने संबोधन के अंत में शंकराचार्य ने लोगों से 'गौ मतदाता' बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि जनता गौ संरक्षण को चुनावी मुद्दा बनाएगी तो सभी राजनीतिक दल गौमाता की रक्षा और उन्हें राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने गौवधशालाओं का आकलन कर गौहत्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए व्यापक जनजागरण अभियान चलाने की अपील की।
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