'असली हिंदुओं को नकली हिंदुओं से खतरा', शंकराचार्य का भाजपा पर बड़ा हमला, बोले- गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने वालों को ही दें वोट
'असली हिंदुओं को नकली हिंदुओं से खतरा...' शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस बयान ने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है। गविष्ठि यात्रा के दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर क्या आरोप लगाए? क्यों कहा कि सत्ता उसी को मिले जो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करे?
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को अपनी गविष्ठि यात्रा के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में कोई भी राजनीतिक दल गौमाता को माता मानने का विरोध नहीं करता, लेकिन सत्ता में बैठे लोग आज भी गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि आगामी चुनाव में उसी राजनीतिक दल का समर्थन करें, जो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प ले।
असली और नकली हिंदुओं का किया जिक्र
शंकराचार्य ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें ऐसी मां दी है, जो सभी की समान माता है और उसी के कारण समाज एक सूत्र में बंधा हुआ है। उन्होंने कहा कि आज समाज में दो तरह के हिंदू हैं, एक असली और दूसरे नकली। असली हिंदुओं को नकली हिंदुओं से सावधान रहने की जरूरत है। उनका कहना था कि धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति तो की जा रही है, लेकिन गौ संरक्षण के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सरकारें ठोस निर्णय लेने से बच रही हैं।
'गौमाता को राष्ट्रमाता बनाने वाले को ही मिले सत्ता'
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने कहा कि उनकी गविष्ठि यात्रा किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि जनमत तैयार करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला जनता को करना है कि सत्ता उसी को मिले, जो गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में स्पष्ट और ईमानदार पहल करे। उन्होंने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। जब तक गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक यह जनजागरण अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने श्रद्धालुओं और गोभक्तों से गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया तथा सरकारों और जनप्रतिनिधियों से गौवंश की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित लोगों को गौमाता के सम्मान और संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।
धामपुर से हुई यात्रा की शुरुआत
मंगलवार को गविष्ठि यात्रा की शुरुआत बिजनौर जिले की धामपुर विधानसभा स्थित शुभम मंडपम से हुई। यहां मुरादाबाद की सपा सांसद रुचि वीरा, नगीना के पूर्व सांसद यशवीर सिंह, अमित प्रताप सिंह, योगेश रस्तोगी सहित स्थानीय श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। इसके बाद यात्रा नहटौर विधानसभा पहुंची। यहां समाजवादी पार्टी की पूर्व प्रदेश सचिव कमलेश भुईयार, जिलाध्यक्ष हनी सैफल, पूर्व प्रदेश सचिव सुखबीर सिंह ठेकेदार, महिला जिलाध्यक्ष प्रभा चौधरी समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
नूरपुर और चांदपुर में भी मिला जनसमर्थन
नहटौर के बाद शंकराचार्य का काफिला नूरपुर विधानसभा पहुंचा, जहां स्थानीय श्रद्धालु अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। इसके बाद यात्रा चांदपुर विधानसभा के चौधरी चरण सिंह चौराहे पहुंची, जहां सपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी दीपक सैनी, जिलाध्यक्ष हनी सैफल, राजकुमार सैनी, सुरेश सैनी और अन्य श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
अमरोहा के धनौरा में हुआ भव्य स्वागत
चांदपुर के बाद गविष्ठि यात्रा अमरोहा जिले की धनौरा विधानसभा में पहुंची। यहां समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मस्तराम यादव, नौगावां विधानसभा अध्यक्ष जिताम्बर सिंह यादव, पूर्व मंत्री जगराम सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष विजयपाल सैनी, भूपेन्द्र चौधरी, आलोक भारती सहित बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का स्वागत किया। रात्रि विश्राम का कार्यक्रम धनौरा स्थित श्री राम बैंक्वेट हॉल में निर्धारित किया गया।
बुधवार को यहां पहुंचेगी गविष्ठि यात्रा
कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्ठि यात्रा अमरोहा जनपद की अमरोहा सदर और नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगी। यहां जनसभाओं, स्वागत कार्यक्रमों और जनसंपर्क के माध्यम से गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
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