राम मंदिर के चढ़ावे में 200 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी की आशंका, SIT ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, FIR और ट्रस्ट में बड़े बदलाव की सिफारिश
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में SIT की शुरुआती रिपोर्ट ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। FIR दर्ज करने से लेकर ट्रस्ट के पुनर्गठन, 5 साल के ऑडिट और वरिष्ठ IAS अधिकारी को CEO बनाने तक कई अहम सिफारिशें की गई हैं। आखिर रिपोर्ट में ऐसा क्या है जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। महीनों से चल रही जांच के बाद मंगलवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी। यह सिर्फ एक औपचारिक रिपोर्ट नहीं मानी जा रही, बल्कि इसमें ऐसे सुझाव दिए गए हैं जो आने वाले दिनों में राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव का कारण बन सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक SIT ने साफ तौर पर FIR दर्ज करने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और मंदिर के प्रशासन को नई व्यवस्था के तहत संचालित करने की सिफारिश की है।
20 पन्नों की रिपोर्ट में 150 लोगों से पूछताछ का ब्योरा
सूत्रों के अनुसार यह रिपोर्ट गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है। करीब 20 पन्नों की इस शुरुआती रिपोर्ट में अब तक की जांच का विस्तृत विवरण शामिल है। SIT ने बताया है कि जांच के दौरान लगभग 150 लोगों से पूछताछ की गई, जिनके बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं। हालांकि टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता होगी।
पिछले 5 साल के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश
जांच के दौरान सबसे बड़ा सवाल मंदिर में आने वाले चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठा है। सूत्रों के मुताबिक SIT ने पिछले पांच वर्षों में मिले चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए वित्तीय व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए। इसके साथ ही ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं, जिनकी जिम्मेदारी और जवाबदेही की अलग से जांच किए जाने का सुझाव दिया गया है।
ट्रस्ट में बड़े बदलाव करने का सुझाव
रिपोर्ट में केवल जांच तक सीमित रहने के बजाय प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक SIT ने राम मंदिर ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की है। इसके अलावा मंदिर के दैनिक प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था की निगरानी के लिए किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को CEO नियुक्त करने का सुझाव भी दिया गया है। माना जा रहा है कि यदि इन सिफारिशों पर अमल होता है तो मंदिर प्रबंधन की वर्तमान व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेज सकती है। इसके बाद गृह मंत्रालय यह तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को बरकरार रखा जाए और किनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऐसे में अब इस पूरे मामले की अगली दिशा केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर मानी जा रही है।
200 करोड़ से ज्यादा गड़बड़ी की आशंका
जांच के दौरान अब तक पांच आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की बरामदगी हो चुकी है। जांच एजेंसियों को टिन्नू के घर से सोना भी मिला है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का दायरा 200 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
