पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ के साथ तीन करोड़ की ठगी, मंत्री-नेताओं से करीबी का दावा कर बिछाया जाल, 30 शराब के दुकानों की चाबी देकर रचा था पूरा खेल

प्रतापगढ़ के गड़वारा से पूर्व विधायक और भाजपा नेता बृजेश मिश्रा (सौरभ) के साथ करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और शराब ठेके में भारी मुनाफे का झांसा देकर उनसे 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ले ली गई। ठगी का तरीका भी ऐसा था कि भरोसा जीतने के लिए फर्जी कंपनी, दस्तावेज और यहां तक कि 30 शराब दुकानों की चाबियां तक सौंप दी गईं। अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Jul 11, 2026 - 14:38
Jul 11, 2026 - 15:32
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पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ के साथ तीन करोड़ की ठगी, मंत्री-नेताओं से करीबी का दावा कर बिछाया जाल, 30 शराब के दुकानों की चाबी देकर रचा था पूरा खेल

प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक और भाजपा नेता बृजेश मिश्रा (सौरभ) से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट, पेट्रोल पंप और शराब ठेके में निवेश के नाम पर उनसे 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठ ली गई। पूर्व विधायक ने विभूतिखंड थाने में शिकायत देकर प्रतापगढ़ निवासी आलोक मिश्रा, उसके पिता, भाई, पत्नी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

विधानसभा क्षेत्र का निवासी बताकर जीता भरोसा
पूर्व विधायक बृजेश मिश्रा के मुताबिक वर्ष 2016-17 में प्रतापगढ़ निवासी आलोक मिश्रा उनसे संपर्क में आया था। विधानसभा क्षेत्र का रहने वाला होने के कारण धीरे-धीरे उसने विश्वास हासिल कर लिया। आरोप है कि आलोक मिश्रा खुद को प्रभावशाली लोगों और मंत्रियों का करीबी बताता था। उसने रियल एस्टेट, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और शराब ठेकों में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया। पूर्व विधायक के अनुसार वर्ष 2022 से 2025 के बीच अलग-अलग समय पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद के जरिए आरोपियों को 3 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए गए।

फर्जी कंपनी बनाकर कराया हस्ताक्षर
शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने वंदे गणपति इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई। पूर्व विधायक को कंपनी का निदेशक बनाया गया और उनसे कई दस्तावेजों व चेकों पर हस्ताक्षर कराए गए। आरोप है कि बाद में उन्हीं चेकों का इस्तेमाल कर रकम निकाल ली गई और उसका गबन कर लिया गया। ठगी का सबसे बड़ा तरीका शराब ठेके दिलाने के नाम पर अपनाया गया। पूर्व विधायक के मुताबिक आरोपियों ने शराब दुकानों के आवंटन की फर्जी प्रक्रिया दिखाई। आरोप है कि आधार कार्ड, ओटीपी और पैसे लेने के बाद भरोसा कायम रखने के लिए 25 से 30 दुकानों की चाबियों का गुच्छा तक सौंप दिया गया। कहा गया कि जल्द ही दुकानों का कब्जा मिल जाएगा। इसी तरह पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर कई जगहों की साइट दिखाई गईं। आरोप है कि फर्जी सीडी देकर दावा किया गया कि उसमें पेट्रोल पंप के एक्टिवेशन कोड सुरक्षित हैं।

पूर्व विधायक के परिचित कारोबारियों से भी ठगी का आरोप
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि आरोपी गिरोह ने उनके परिचित कारोबारियों को भी अपना शिकार बनाया। शिकायत के अनुसार प्रयागराज के कारोबारी अमित गुप्ता से पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 51 लाख रुपये और गुड बेकरी के संचालक लक्ष्मण आहूजा से 70 लाख रुपये लेने का आरोप है। पीड़ितों द्वारा रकम वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। आरोप है कि बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया। हालांकि दबाव बनाने पर व्हाट्सएप के जरिए रुपये वापस करने का आश्वासन देता रहा। पूर्व विधायक ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी गिरोह बनाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। पूर्व विधायक ने आरोपी आलोक मिश्रा, उसके पिता सत्येंद्र नाथ मिश्रा, भाई अर्पण मिश्रा, पत्नी दिव्या मिश्रा, सहयोगी बेचू और अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि यह गिरोह बनाकर ठगी करते हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी, नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी राशन कार्ड बनवाने, नकली शराब कारोबार समेत कई आर्थिक अपराधों के मामले लखनऊ, प्रतापगढ़ और मुरादाबाद सहित अन्य जिलों में दर्ज हैं। विभूतिखंड थाने के इंस्पेक्टर उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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