PM मोदी ने तोड़ा नेहरू का 73 साल पुराना रिकॉर्ड, कैबिनेट ने खड़े होकर किया स्वागत, 4399 दिन तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले बने पहले नेता
2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने अब एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है, जो 73 साल से कायम था। 4399 दिन तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के साथ उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया है। आखिर इस रिकॉर्ड के पीछे का पूरा गणित क्या है और NDA इसे क्यों ऐतिहासिक बता रहा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ते हुए पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 73 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने 10 जून 2026 को लगातार 4399 दिन का कार्यकाल पूरा कर लिया। इसके साथ ही वह देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जिन्होंने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद लगातार 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री पद संभाला था।
कैबिनेट बैठक में तालियों से हुआ स्वागत
रिकॉर्ड बनने के साथ ही केंद्र सरकार में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। बुधवार दोपहर केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत तालियां बजाकर किया गया। मंत्रियों ने खड़े होकर उनका अभिनंदन किया और इस अवसर पर एक विशेष प्रस्ताव भी पारित किया गया। सरकार के भीतर इसे लोकतांत्रिक जनादेश की निरंतरता और राजनीतिक स्थिरता का प्रतीक बताया जा रहा है।
2014 से शुरू हुआ रिकॉर्ड बनाने वाला सफर
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपने दम पर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। इसके बाद 2019 में भाजपा ने और बड़ा जनादेश हासिल किया तथा 2024 में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की। तीन लोकसभा चुनाव लगातार जीतकर प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाले नेताओं की सूची में PM मोदी का नाम अब भारतीय राजनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुका है।
आखिर कैसे टूटा नेहरू का रिकॉर्ड?
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1952 में हुए पहले आम चुनाव के बाद 13 मई 1952 को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह 27 मई 1964 तक इस पद पर बने रहे। निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल 4398 दिनों का रहा था। अब नरेंद्र मोदी ने 4399 दिन पूरे कर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। हालांकि कुल कार्यकाल के मामले में नेहरू अब भी सबसे आगे हैं। वह 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री रहे थे। इस पूरे कार्यकाल को जोड़ने पर उनका कार्यकाल 6130 दिनों का बनता है।
गुजरात से दिल्ली तक पहुंची राजनीतिक यात्रा
प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी लंबा कार्यकाल पूरा किया था। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी और मई 2014 तक इस पद पर बने रहे। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनका नेतृत्व अब 8931 दिनों तक पहुंच चुका है। इसी के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8930 दिनों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इस आधार पर मोदी अब भारत में किसी निर्वाचित सरकार का सबसे लंबे समय तक नेतृत्व करने वाले नेता बन गए हैं।
NDA की बैठक में बनेगा बधाई प्रस्ताव
प्रधानमंत्री के इस रिकॉर्ड के बाद भारत मंडपम में NDA नेताओं की बैठक बुलाई गई है। बैठक में भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार बैठक में मोदी को बधाई देने के लिए विशेष प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके अलावा विकसित भारत-2047, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं, ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
राजनीतिक रिकॉर्ड के साथ डिजिटल दुनिया में भी दबदबा
नरेंद्र मोदी सिर्फ राजनीतिक रिकॉर्ड ही नहीं बना रहे हैं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। हाल ही में उनके यूट्यूब चैनल ने 3 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा पार किया है। वहीं इंस्टाग्राम पर उनके 10 करोड़ से ज्यादा और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर 10.64 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। यही वजह है कि मोदी आज केवल भारतीय राजनीति ही नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल राजनीति के भी सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं।
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