अवैध किडनी रैकेट में हुआ हड़कंप: दो ट्रांसप्लांट होने थे, एक होते ही डॉक्टर क्यों भाग खड़े हुए और क्या था उनका डर, जानिए पीछे की असली वजह

Kanpur News: कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, उस रात दो ट्रांसप्लांट होने थे, लेकिन डॉक्टरों ने पुलिस की खबर लगते ही फरार हो गए। मरीज और डोनर दोनों फंसे और करोड़ों का घोटाला हुआ।

Apr 3, 2026 - 14:38
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अवैध किडनी रैकेट में हुआ हड़कंप: दो ट्रांसप्लांट होने थे, एक होते ही डॉक्टर क्यों भाग खड़े हुए और क्या था उनका डर, जानिए पीछे की असली वजह

Uttar Pradesh News: कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला लगातार सुर्खियों में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिस रात यह कांड हुआ, उस दिन केवल एक नहीं बल्कि दो किडनी ट्रांसप्लांट होने थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि रैकेट के डॉक्टर और अन्य सदस्य इस बात का अंदेशा पा गए कि पुलिस तक जानकारी पहुँच चुकी है, जिसके बाद सभी मौके से फरार हो गए। इस कांड में मरीज और डोनर दोनों को भारी धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा और गिरोह ने करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया।

अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश
कानपुर के आहूजा हॉस्पिटल में पारुल तोमर का अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। डोनर आयुष को 9.5 से 10 लाख रुपये में फंसाया गया, जबकि मरीज के परिजनों से 60 लाख रुपये वसूले गए। पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक 40 से 50 ऐसे ट्रांसप्लांट कराए हैं, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हो सकते हैं। मामला उस समय उजागर हुआ जब आयुष ने भुगतान में धोखाधड़ी का सामना किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कल्यानपुर-रावतपुर क्षेत्र के आहूजा हॉस्पिटल, मेड लाइफ हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में छापेमारी की गई।

डॉक्टर और तकनीशियन भी गिरफ्तार
पुलिस ने पहले ही डॉक्टर दंपति डॉ. प्रीति आहूजा और डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था। गुरुवार को दो ओटी तकनीशियन भी पकड़े गए, जो एनसीआर के अस्पतालों में काम करते थे। पूछताछ में पता चला कि उस रात एक और किडनी ट्रांसप्लांट होना था, लेकिन पुलिस में जानकारी पहुँचने के शक में गिरोह के लोग मौके से भाग गए।

ट्रांसप्लांट की पूरी कहानी
29 मार्च को पारुल तोमर को आयुष की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। आयुष, जो देहरादून में एमबीए कर रहा था, कानपुर के शिवम काड़ा के जरिए फंसाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दूसरे किडनी ट्रांसप्लांट की बात कितनी सही है और अगर हुआ, तो उसका डोनर और रिसीवर कौन था।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।