कन्नौज में मंत्री असीम अरुण को अधिकारियों ने कराया लंबा इंतजार, नाराज होकर लौटे मंत्री ने DM आशुतोष अग्निहोत्री को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश के मंत्री असीम अरुण ने कन्नौज कार्यक्रम में अधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी व्यक्त की और अनुशासनहीनता और देरी को लेकर डीएम को पत्र लिखा।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे, लेकिन वहां अधिकारियों की गैरमौजूदगी से नाराज होकर उन्हें कार्यक्रम छोड़ना पड़ा। इस घटना के बाद मंत्री ने जिला अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पत्र लिखकर नाराजगी जताई और भविष्य में अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी। इस मामले को लेकर अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।
कार्यक्रम में समय से पहुंचे मंत्री, नहीं मिले अधिकारी
यह पूरा मामला यूपी सरकार के 9 साल पूरे होने पर आयोजित ‘डिस्कवर योर रूट्स’ कार्यक्रम से जुड़ा है। यह कार्यक्रम कन्नौज के पुरातत्व संग्रहालय स्थित रोमा स्मारक में आयोजित किया गया था। मंत्री असीम अरुण को मुख्य अतिथि के तौर पर शाम 5:30 बजे आमंत्रित किया गया था। वह तय समय से 15 मिनट पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन वहां कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। ऐसे में मंत्री को अपनी पार्टी के नेताओं के साथ आम जनता के बीच बैठकर इंतजार करना पड़ा।
45 मिनट इंतजार के बाद कार्यक्रम छोड़कर लौटे
मंत्री करीब 45 मिनट तक कार्यक्रम शुरू होने का इंतजार करते रहे। इस दौरान मंच से लगातार यह घोषणा होती रही कि कार्यक्रम मंत्री के आने के बाद शुरू होगा। लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति से स्थिति असहज हो गई। जब लंबे समय तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, तो मंत्री नाराज होकर कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वहां से चले गए। उनके साथ मौजूद पार्टी के अन्य नेता भी कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए।
डीएम को लिखा सख्त पत्र, जताई नाराजगी
इस घटना के बाद मंत्री असीम अरुण ने डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को एक पत्र लिखा, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पत्र में उन्होंने कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था और समय की अनदेखी पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि वह समय पर पहुंचे थे, लेकिन मुख्य आयोजक एसडीएम वैशाली 15 मिनट बाद आईं और उसके बाद एडीएम पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिष्टाचार और समयबद्धता के खिलाफ थी।
अनुशासन और समय की पाबंदी पर दिया जोर
पत्र में मंत्री ने यह भी कहा कि एक लोक सेवक के रूप में सभी को नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से सीख लेनी चाहिए, जो समय की पाबंदी और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों से भविष्य में इस तरह की स्थिति न होने देने की अपेक्षा जताई।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, कार्रवाई की चर्चा
मंत्री का पत्र सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे मंत्री का अपमान बता रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोग अधिकारियों और मंत्री दोनों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। अब माना जा रहा है कि इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
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