CM योगी के मंच पर BJP में कुर्सी विवाद! BJP के दो नेता हुए नाराज, एक ने पलटी कुर्सी, दूसरे बोले- ऐसे 10 मंच कुर्बान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में झांसी का मंच अचानक भाजपा के भीतर असंतोष का केंद्र बन गया। एक ओर शिक्षक MLC डॉ. बाबूलाल तिवारी सीटिंग व्यवस्था से नाराज होकर कुर्सी पलटकर चले गए, तो दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर फेसबुक पर ऐसा संदेश लिखा जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। आखिर मंच पर ऐसा क्या हुआ कि सम्मान बनाम प्रोटोकॉल की बहस शुरू हो गई?
CM योगी के विकसित भारत संकल्प सम्मेलन का मंच उस समय राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया, जब भाजपा के ही दो वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। एक ओर शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी मंच पर सीटिंग व्यवस्था से इतने असहज हुए कि गुस्से में कुर्सी पलटकर कार्यक्रम छोड़ दिया, जबकि दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने मंच की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूरा कार्यक्रम ही छोड़ दिया। बाद में उनका फेसबुक पोस्ट भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। मामला शनिवार का है, लेकिन इसका वीडियो रविवार को सामने आने के बाद भाजपा के भीतर प्रोटोकॉल, सम्मान और मंचीय व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई।
मंच पर कुर्सी को लेकर छिड़ी जंग
झांसी के दीनदयाल सभागार में आयोजित विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम के लिए मंच पर जनप्रतिनिधियों की सीटें प्रोटोकॉल के अनुसार तय की गई थीं। पहली पंक्ति में विधान परिषद के सभापति, जिले के चारों विधायक, तीनों एमएलसी, जिला प्रभारी और भाजपा के जिलाध्यक्षों के बैठने की व्यवस्था थी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष और मेयर के लिए दूसरी पंक्ति में स्थान निर्धारित किया गया था। बताया गया कि शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी के लिए पहली पंक्ति में निर्धारित सीट पर झांसी के मेयर बिहारी लाल आर्य बैठ गए। ऐसे में डॉ. तिवारी दूसरी पंक्ति में जाकर बैठ गए। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी के संबोधन से पहले जब सभी जनप्रतिनिधि सम्मान में खड़े हुए, तो सुरक्षा कर्मियों ने मंच की कुर्सियां व्यवस्थित करनी शुरू कीं। इसी दौरान जिस कुर्सी पर डॉ. तिवारी बैठे थे, उसे हटाने की कोशिश की गई। यह बात उन्हें नागवार गुजरी और उन्होंने नाराज होकर कुर्सी को धक्का देकर पलट दिया और मंच छोड़कर चले गए। हालांकि कुछ देर बाद प्रशासनिक अधिकारियों के आग्रह पर वे वापस लौटे और कार्यक्रम में शामिल हुए।
'फोटो फ्रेम के लिए भूल जाते हैं अनुशासन'
घटना के बाद डॉ. बाबूलाल तिवारी ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे जीवनभर शिक्षक और प्राचार्य रहे हैं, इसलिए अनुशासन को सबसे ऊपर रखते हैं। लेकिन राजनीति में कुछ लोग केवल फोटो फ्रेम में दिखने की होड़ में अनुशासन भूल जाते हैं और दूसरे की निर्धारित सीट पर बैठ जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे कार्यक्रम में पहुंचे तो उनके नाम की सीट स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थी। बाद में वे पीछे बैठ गए, लेकिन वहां भी उन्हें टोका गया। इससे आहत होकर वे मंच छोड़कर चले गए। हालांकि एडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के अनुरोध पर वे दोबारा कार्यक्रम में लौट आए।
जिला पंचायत अध्यक्ष भी हुए नाराज
वहीं इसी कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम भी सीटिंग व्यवस्था को लेकर नाराज हो गए। उनका कहना था कि उनके पद के अनुरूप उन्हें मंच पर उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने इस पर कार्यक्रम के प्रभारी नेताओं से आपत्ति भी दर्ज कराई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्यक्रम छोड़कर चले गए। कार्यक्रम से निकलने के कुछ ही समय बाद उन्होंने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी, जिसने पूरे मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया। उन्होंने लिखा कि आत्मसम्मान से बढ़कर कुछ नहीं होता। हम वीरांगना झलकारी बाई के वंशज हैं। हमने महारानी की रक्षा के लिए सिर कटवा दिए, अंग्रेजों की पेंशन नहीं खाई। ऐसे 10 मंच कुर्बान हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी और भाजपा के भीतर सम्मान बनाम प्रोटोकॉल की चर्चा शुरू हो गई।
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