ईरान ने अमेरिका इजराइल पर लगाए गंभीर आरोप, लेबनान में बढ़ते हमलों के बीच क्यों अटक गई सीजफायर डील?
Iran Israel Conflict: ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर लेबनान में युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया है। इजराइल के नए हमलों, अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशों और हालिया जवाबी सैन्य कार्रवाई के बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे क्षेत्र में शांति प्रयासों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि लेबनान में युद्धविराम लागू किए बिना किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में शांति स्थापित करने की प्रक्रिया भरोसे की कमी, अमेरिका के बदलते रुख और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों के कारण लगातार प्रभावित हो रही है। इस बीच लेबनान में इजराइली हमले तेज होने और अमेरिका तथा ईरान के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
युद्धविराम को लेकर ईरान का सख्त रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने सोमवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि लेबनान में युद्धविराम किसी भी समझौते की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने कहा कि ईरान लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से होने वाले किसी भी समझौते के लिए पहले लेबनान में संघर्षविराम लागू होना चाहिए। बकाई ने अमेरिका पर भी आरोप लगाया कि वह स्वयं युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोमवार सुबह भी ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं, जो संघर्षविराम की भावना के खिलाफ हैं।
बेरूत में इजराइल के नए हमले
ईरान के इन आरोपों के बीच इजराइल ने लेबनान में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में स्थित ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली सेना ने लेबनान में अपना जमीनी अभियान भी और आगे बढ़ाया है। इससे पहले जो नाजुक युद्धविराम कायम था, उस पर भी असर पड़ा है और दोनों पक्षों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
अमेरिका की कूटनीतिक कोशिशें और बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
तनावपूर्ण हालात के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अलग-अलग बातचीत में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से संपर्क किया। उनका उद्देश्य नए युद्धविराम प्रस्ताव को आगे बढ़ाना और क्षेत्र में शांति स्थापित करने की कोशिश करना था। हालांकि दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच भी पिछले कुछ दिनों में सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। अमेरिका ने दावा किया कि उसने सप्ताहांत में ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। इन घटनाओं ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है। ऐसे में युद्धविराम और शांति प्रयासों की सफलता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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