इंडक्शन vs गैस सिलेंडर… रोज खाना बनाने में कौन है सबसे सस्ता? जानिए कहां होगी ज्यादा बचत

Induction vs LPG: रसोई खर्च कम करने के लिए LPG गैस और इंडक्शन चूल्हे की तुलना जरूरी है। इस खबर में दोनों के खर्च, सुरक्षा, सुविधा और उपयोग के आधार पर समझाया गया है कि कौन सा विकल्प सस्ता और बेहतर है।

Apr 5, 2026 - 09:47
Apr 5, 2026 - 09:48
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इंडक्शन vs गैस सिलेंडर…  रोज खाना बनाने में कौन है सबसे सस्ता? जानिए कहां होगी ज्यादा बचत

आज के समय में रसोई का खर्च हर घर के बजट का बड़ा हिस्सा बन चुका है। हाल ही में LPG गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण कई घरों में इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर खाना बनाने के लिए कौन सा विकल्प ज्यादा सस्ता और फायदेमंद है। बिजली के बढ़ते उपयोग और गैस सिलेंडर की महंगाई के बीच यह तुलना और भी जरूरी हो गई है। सही विकल्प चुनकर हर महीने अच्छी बचत की जा सकती है। आइए समझते हैं कि इंडक्शन और LPG में कौन बेहतर है।

LPG गैस का खर्च और उपयोग
भारत में LPG गैस सिलेंडर की कीमत शहर और सब्सिडी के अनुसार बदलती रहती है। आम तौर पर एक सिलेंडर 800 से 1100 रुपये तक का होता है। एक मध्यम वर्गीय परिवार में यह लगभग 25 से 30 दिन चलता है। यानी रोज का खर्च करीब 30 से 40 रुपये बैठता है। गैस चूल्हा इस्तेमाल करना आसान और पारंपरिक तरीका है, लेकिन इसमें हीट लॉस ज्यादा होता है, जिससे पूरी ऊर्जा का सही उपयोग नहीं हो पाता। साथ ही, सिलेंडर खत्म होने पर अचानक परेशानी भी हो सकती है। गैस लेने के लिए कनेक्शन होना जरूरी होता है, जिससे यह थोड़ा सीमित विकल्प बन जाता है। 

इंडक्शन चूल्हे का खर्च और फायदे
इंडक्शन चूल्हा बिजली से चलता है और इसमें ऊर्जा का उपयोग ज्यादा कुशल तरीके से होता है। आम तौर पर यह 1500 से 2000 वॉट बिजली खपत करता है। अगर रोज 1 से 1.5 घंटे इस्तेमाल किया जाए, तो महीने में करीब 60 से 90 यूनिट बिजली खर्च होती है। भारत में औसत बिजली दर 6 से 8 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो कुल खर्च 400 से 700 रुपये महीने तक आता है। यानी रोज का खर्च लगभग 15 से 25 रुपये हो सकता है, जो LPG से सस्ता पड़ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह बिजली दर और उपयोग पर निर्भर करता है।

सुरक्षा और सुविधा में अंतर
इंडक्शन चूल्हा सुरक्षा के मामले में आगे माना जाता है क्योंकि इसमें खुली आग नहीं होती। यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे आग लगने का खतरा कम रहता है। वहीं LPG गैस में लीकेज और आग का खतरा बना रहता है। हालांकि गैस चूल्हा हर तरह के बर्तन पर काम करता है, जबकि इंडक्शन के लिए फ्लैट बेस वाले खास बर्तन जरूरी होते हैं। बिजली कटने पर इंडक्शन काम नहीं करता, जबकि गैस ऐसे समय में भी उपयोगी रहता है।

कुकिंग स्पीड और क्या है बेहतर विकल्प?
इंडक्शन चूल्हा तेज हीटिंग के लिए जाना जाता है और यह गैस के मुकाबले जल्दी खाना बना सकता है। इसमें तापमान कंट्रोल करना आसान होता है, जिससे खाना जलने की संभावना कम होती है। वहीं LPG पर पारंपरिक तरीके से खाना बनाना कई लोगों को ज्यादा आसान लगता है, खासकर रोटी या पराठा बनाने में। इंडक्शन में कुछ भारतीय व्यंजन बनाना मुश्किल हो सकता है और अलग बर्तन खरीदने पड़ सकते हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।