होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के आरोपी का एनकाउंटर, फिर अंतिम संस्कार में बवाल... पुलिस-ग्रामीणों में हिंसक झड़प
Kamlesh Chaudhary Encounter: गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश चौधरी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद तनाव बढ़ गया। अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हुई। कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 60 से 70 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले के नामजद आरोपी कमलेश चौधरी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद जिले में तनाव का माहौल बन गया है। 3 जून को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में कमलेश चौधरी मारा गया था। इसके बाद उसके अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस ने 60 से 70 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विनीत राय हत्याकांड के बाद बढ़ी थी दहशत
होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या के मामले में शंकर पांडे, कमलेश चौधरी समेत चार नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस हत्याकांड के बाद गाजीपुर के व्यापारी वर्ग में डर का माहौल बना हुआ था। लोगों को आशंका थी कि कथित तौर पर सक्रिय कटरा गैंग के सदस्य रंगदारी और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। कमलेश चौधरी सदर कोतवाली क्षेत्र के गौशाबाद गांव का निवासी था। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके भाई संजय की पत्नी गांव की प्रधान हैं, जबकि दूसरा भाई एक निजी कंपनी में इंजीनियर है। स्थानीय लोगों के अनुसार कमलेश चौधरी और कथित कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे के बीच कई वर्षों से गहरी दोस्ती थी।
कटरा गैंग को लेकर क्या हैं आरोप?
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब 10 से 12 साल पहले फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बनने वाले कटरे के आसपास युवाओं का एक समूह सक्रिय हुआ था। बाद में इसे कटरा गैंग के नाम से जाना जाने लगा। आरोप है कि गैंग के सदस्य एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जुड़े रहते थे और किसी विवाद की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर मारपीट, धमकी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कमलेश चौधरी के खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वहीं स्थानीय लोगों का दावा है कि उसके खिलाफ कई अन्य गंभीर आरोप भी रहे, जो पुलिस रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच सके। विनीत राय के पिता आलोक राय ने भी आरोप लगाया था कि कथित गैंग को पुलिस संरक्षण मिलता था, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अंतिम संस्कार के दौरान हुई झड़प
कमलेश चौधरी की मौत के बाद उसके गांव में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में पथराव में बदल गई। इस घटना में क्षेत्राधिकारी समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पथराव करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में कमलेश चौधरी के भाई संजय समेत 60 से 70 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
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