'बेटे के जगह बेटी और बेटी की जगह बेटा' मेडिकल कॉलेज में नवजातों की अदला-बदली से मचा हड़कंप, हंगामे के बाद नर्स और आया निलंबित
एटा मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद दो नवजातों की अदला-बदली का मामला सामने आया है। सीजर डिलीवरी के बाद एक परिवार को बेटी और दूसरे को बेटे के जन्म की सूचना दी गई थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन एक मां के संदेह ने पूरे अस्पताल को हिला दिया। कुछ ही घंटों में वार्ड के बाहर हंगामा शुरू हो गया, रिकॉर्ड खंगाले गए और फिर जो सच्चाई सामने आई, उसने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भी कार्रवाई करने पर मजबूर कर दिया। आखिर नवजातों की अदला-बदली कैसे हुई और जांच में क्या सामने आया ?
एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने दो परिवारों की खुशियों को कुछ समय के लिए गहरी चिंता और असमंजस में बदल दिया। प्रसव के बाद नवजात शिशुओं की कथित अदला-बदली का मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों के विरोध और हंगामे के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन को जांच बैठानी पड़ी, जिसमें अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई।
मां ने बेटा होने का किया दावा
जानकारी के मुताबिक पैरोली निवासी शिवानी को शुक्रवार सुबह प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। सीजर ऑपरेशन के बाद परिजनों को बेटी जन्म की जानकारी दी गई। हालांकि शिवानी का दावा था कि उसे पुत्र हुआ है। इसी बीच दूसरी महिला अफसाना के परिजनों को बेटे के जन्म की सूचना दी गई थी। दोनों परिवार शुरुआत में अस्पताल की बात पर भरोसा करते रहे, लेकिन कुछ देर बाद उन्हें संदेह होने लगा कि कहीं नवजातों की अदला-बदली तो नहीं हो गई।
शक बढ़ा तो अस्पताल में शुरू हुआ हंगामा
जब दोनों परिवारों ने अपने स्तर पर जानकारी मिलानी शुरू की तो मामला और उलझ गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और देखते ही देखते वार्ड के बाहर हंगामे की स्थिति बन गई। प्रसूता महिलाओं और उनके परिवारों की चिंता बढ़ती गई। नवजातों को लेकर उठे सवालों ने पूरे अस्पताल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू कराई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार दोनों महिलाओं का सीजर ऑपरेशन हुआ था। इनमें से एक नवजात बच्ची को जन्म के बाद विशेष चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और आया की लापरवाही के कारण दोनों नवजात गलत परिजनों को सौंप दिए गए, जिससे पूरा भ्रम पैदा हुआ।
नर्स और आया पर गिरी गाज
अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटर के रिकॉर्ड, प्रसव संबंधी दस्तावेज, ऑपरेशन नोट्स और शिशु रोग विशेषज्ञों की रिपोर्ट का मिलान किया। जांच के दौरान वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो गई और यह पुष्टि हो गई कि नवजातों की अदला-बदली हुई थी। इसके बाद दोनों बच्चों को उनके सही परिवारों को सौंप दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने संबंधित स्टाफ नर्स और आया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। प्राचार्य ने कहा कि अस्पताल में नवजात शिशुओं को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
रिपोर्ट-: शिवम कश्यप
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