भारत की धरती धर्मशाला नहीं बनेगी... राम कथा मंच से CM योगी का बड़ा संदेश, लव जिहाद और राम मंदिर पर भी खुलकर बोले
Yogi Adityanath: लखनऊ में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत की संस्कृति, राम मंदिर, सनातन धर्म और लव जिहाद पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की धरती उन लोगों की है जो देश और उसके संस्कारों में आस्था रखते हैं। राम को एकता का प्रतीक बताया।
Ram Katha Mahotsav: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय ‘श्री राम कथा महोत्सव’ में बड़ा बयान दिया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भारत की संस्कृति, सनातन परंपरा, राम मंदिर और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की धरती बाहर से आए हमलावरों की नहीं हो सकती। यह भूमि उन लोगों की है जो भारत, उसकी संस्कृति और उसके संस्कारों के प्रति आस्था रखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग भारत की परंपराओं और मूल्यों का सम्मान नहीं करते, उनके लिए भारत की धरती को धर्मशाला नहीं बनने दिया जाएगा।
राम मंदिर के लिए 500 साल के संघर्ष का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीराम हमेशा समाज को जोड़ने का काम करते हैं। इसके बावजूद राम भक्तों को राम मंदिर निर्माण के लिए करीब 500 वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस लंबे संघर्ष और दर्द को केवल एक सच्चा रामभक्त ही समझ सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर युग में ऐसी नकारात्मक ताकतें मौजूद रही हैं जो भगवान राम और उनके भक्तों के बीच दीवार बनकर खड़ी होती हैं। ऐसे लोगों से सतर्क रहने और उन्हें राम की धरती से दूर रखने की आवश्यकता है।
मंदिरों और सनातन पर हुए अत्याचारों का उल्ले
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में जब भी राम मंदिर विरोधी शक्तियां सत्ता में आईं, तब मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया और राम भक्तों को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को भी नुकसान पहुंचाया गया। रामायण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार रावण काल में खर-दूषण और ताड़का ने भगवान राम के मार्ग में बाधाएं खड़ी की थीं, उसी तरह राम मंदिर की इच्छा रखने वाले लोगों को भी संघर्ष करना पड़ा।
लव जिहाद कानून पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में लव जिहाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केरल हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 से 2011 के बीच इस विषय पर चिंता जताई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाया था, लेकिन इसे और गंभीरता से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने समाज से भी इस विषय पर जागरूक रहने और एकजुट होकर खड़े होने की अपील की।
राम एकता के प्रतीक, पूरे देश को जोड़ते हैं
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी उल्लेख किया और कहा कि अदालत ने राम जन्मभूमि को वही स्थान माना जहां रामलला विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक पूरे भारत को जोड़ने वाले एकता के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस एकता और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत बनाए रखें और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
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