ट्रेनिंग पूरी कर घर लौट रहे थे पुलिस अफसर, बीच रास्ते हुआ ऐसा हादसा... 3 थानेदार समेत 4 की मौत
बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे में बिहार पुलिस के तीन थानेदार और एक चालक की मौत हो गई। पटना से ट्रेनिंग पूरी कर लौट रहे अधिकारियों का सफर आखिरी साबित हुआ। हादसे के बाद चार परिवारों में मातम पसरा है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
बिहार के बेगूसराय में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं। पटना में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद घर लौट रहे बिहार पुलिस के तीन थानेदार और एक चालक की इस हादसे में मौत हो गई। शुक्रवार सुबह जैसे ही यह दुखद खबर उनके घरों तक पहुंची, परिवारों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। किसी ने भी नहीं सोचा था कि ड्यूटी और प्रशिक्षण का यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। इस हादसे के बाद पुलिस विभाग के साथ-साथ संबंधित जिलों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
एक ही कार में सवार थे चारों अधिकारी
मृतकों की पहचान अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र, रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान, बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार और चालक ज्योतिष कुमार के रूप में हुई है। सभी एक ही कार में सवार होकर मधेपुरा लौट रहे थे। लेकिन बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी की डोर तोड़ दी। कटिहार जिले के आजमनगर निवासी ज्ञानेंद्र अमरेंद्र वर्ष 2009 बैच के दारोगा थे। सितंबर 2025 से वे अरार थाने में तैनात थे। उनकी पत्नी और 17 वर्षीय बेटा गर्मी की छुट्टियों में उनके साथ समय बिता रहे थे। परिवार को क्या पता था कि प्रशिक्षण के लिए गया यह सफर हमेशा के लिए बिछड़ने का कारण बन जाएगा।
शादी की तैयारियों से पहले घर में पसरा मातम
कैमूर जिले के भभुआ निवासी साजन कुमार पासवान वर्ष 2018 बैच के दारोगा थे। परिवार को उनकी शादी का इंतजार था और रिश्ते की चर्चाएं भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन शादी की शहनाई बजने से पहले ही घर में मातम छा गया। जवान बेटे की मौत की खबर सुनकर माता-पिता और परिजन टूट गए।
मिली नई जिम्मेदारी
गया जिले के रहने वाले नीरज कुमार को महज एक सप्ताह पहले ही बेलारी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परिवार उनकी नई पोस्टिंग से बेहद खुश था। पत्नी और एक साल का बेटा उनके साथ रह रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि उनका करियर नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा, लेकिन हादसे ने सारे सपने तोड़ दिए। अब उनका छोटा बेटा अपने पिता को सिर्फ तस्वीरों और लोगों की यादों के जरिए ही जान पाएगा।
अधिकारियों को घर पहुंचाने निकला चालक भी नहीं लौटा
इस हादसे में चालक ज्योतिष कुमार की भी मौत हो गई। वह उदाकिशुनगंज थाना के निजी चालक मनोज पासवान के पुत्र थे। अधिकारियों को सुरक्षित पटना ले जाने और वापस लाने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। परिजनों को उम्मीद थी कि वह ड्यूटी पूरी कर घर लौट आएंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। बताया जा रहा है कि 10 जून को चारों मधेपुरा से पटना प्रशिक्षण के लिए निकले थे। दो दिन की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वे वापस लौट रहे थे। लेकिन मधेपुरा पहुंचने से पहले ही बेगूसराय में मौत ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। यह हादसा अब पूरे बिहार में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0
