दादरी में अखिलेश यादव की बड़ी रैली, हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद
अखिलेश यादव आज दादरी में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली के जरिए सपा पश्चिमी यूपी में अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देगी। हजारों लोगों के जुटने की उम्मीद है। जानिए रैली की पूरी तैयारी, राजनीतिक रणनीति और 2027 चुनाव पर इसका असर।
Uttar Pradesh News: अखिलेश यादव आज गौतम बुद्ध नगर के दादरी स्थित मीहर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वह सुबह करीब 11 बजे यहां पहुंचेंगे। इस रैली में हजारों समर्थकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के लिए करीब 100 मीटर लंबा पांडाल तैयार किया गया है, जिससे साफ है कि आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा है।
प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे
रैली से पहले अखिलेश यादव गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद वह मंच से जनसभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम केवल एक सभा नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी इस आयोजन के जरिए अपने समर्थकों को एकजुट करने का प्रयास कर रही है।
पश्चिमी यूपी में पकड़ मजबूत करने की कोशिश
इस रैली के जरिए समाजवादी पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश देना चाहती है। पार्टी भाजपा सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाते हुए अपनी रणनीति को सामने रखेगी। गाजियाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, संभल, शामली, बागपत, नोएडा और ग्रेटर नोएडा समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में लोगों के आने का दावा किया गया है।
नेताओं की अपील और पहले से की गई तैयारी
पूर्व मंत्री जावेद आब्दी, जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी और राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है। गांव और बूथ स्तर पर लगातार बैठकों के जरिए भीड़ जुटाने की तैयारी की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रैली सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देगी।
मिहिर भोज विवाद वाले स्थल का खास संदेश
यह रैली उसी स्थान पर हो रही है जहां 2022 विधानसभा चुनाव से पहले मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर विवाद हुआ था। उस समय शिलापट्ट पर “सम्राट मिहिर भोज” लिखे जाने पर गुर्जर समाज ने विरोध जताया था। अब सपा ने उसी स्थान को चुनकर एक खास राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।
2027 चुनाव की तैयारी का संकेत
2022 विधानसभा चुनाव में सपा ने राष्ट्रीय लोक दल के साथ गठबंधन किया था, जिसका असर पश्चिमी यूपी में दिखा, लेकिन नोएडा, गाजियाबाद और बुलंदशहर में ज्यादा सफलता नहीं मिली। वहीं 2024 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन कर पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया। पार्टी के अनुसार, यह रैली 2027 विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने की दिशा में अहम कदम है, जिसमें जमीनी मुद्दों और सामाजिक समीकरणों पर खास ध्यान दिया जाएगा।
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