अमित शाह से मुलाकात के बाद अब दिल्ली पहुंचे सीएम योगी, पीएम मोदी के साथ नितिन नवीन से भी करेंगे भेंट, राज्यसभा-MLC चुनाव पर नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उत्तर प्रदेश की विकास परियोजनाओं और आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के यूपी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। योगी अपने साथ प्रस्तावित उद्घाटन और शिलान्यास वाली परियोजनाओं की सूची भी लेकर पहुंचे थे। इसके बाद उनकी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात होनी है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों और 11 MLC सीटों के चुनाव को लेकर चर्चा हो सकती है। राज्यसभा के लिए 16 अक्टूबर और MLC चुनाव के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है।
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी और संगठनात्मक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में उत्तर प्रदेश से जुड़े विकास कार्यों और आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के यूपी दौरों को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री अपने साथ उन परियोजनाओं की सूची भी लेकर पहुंचे थे, जिनका आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन या शिलान्यास प्रस्तावित है। ऐसे में बैठक में राज्य की विकास परियोजनाओं और प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रमों को लेकर चर्चा को अहम माना जा रहा है।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद नितिन नवीन से बैठक
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात करेंगे। नितिन नवीन जनवरी 2026 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव को लेकर चर्चा हो सकती है। खास तौर पर MLC चुनाव की सीटों और संभावित उम्मीदवारों के नामों पर संगठन स्तर पर मंथन होने की संभावना है। यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव का कार्यक्रम सामने आ चुका है।
16 अक्टूबर को राज्यसभा की 10 सीटों पर मतदान
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी। नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से 9 सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि एक सीट भाजपा के दिनेश शर्मा के इस्तीफे के बाद पहले ही खाली हो चुकी है। दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। मौजूदा स्थिति में इन 10 सीटों में 8 भाजपा, एक समाजवादी पार्टी और एक बहुजन समाज पार्टी के पास है। इन सीटों पर होने वाला चुनाव अगले साल के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MLC की 11 सीटों पर भी चुनाव
राज्यसभा चुनाव के कुछ दिन बाद उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी मतदान होगा। चुनाव आयोग ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़ी इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर की तारीख तय की है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। इन 11 सीटों के चुनाव में भी राजनीतिक दलों के लिए उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति तक कई स्तरों पर तैयारी करनी होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की संभावित मुलाकात को संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से भी देखा जा रहा है।
भाजपा के सामने उम्मीदवारों के चयन की चुनौती
राज्यसभा और MLC चुनाव के लिए अभी उम्मीदवारों के नामों को लेकर अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री की नितिन नवीन से प्रस्तावित मुलाकात में संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। खास तौर पर MLC की 11 सीटों में भाजपा के हिस्से में मौजूदा तौर पर 8 सीटें हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के पास 3 सीटें हैं। ऐसे में दोनों चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन भाजपा के संगठनात्मक स्तर पर एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी। वहीं राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के मौजूदा गणित के आधार पर दलों की संख्या बल की भूमिका अहम रहेगी। राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के विधायक मतदान करते हैं और चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा सिंगल ट्रांसफरेबल वोट प्रणाली से होता है।
राज्यसभा चुनाव में BSP की सीट भी चर्चा में
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के मौजूदा समीकरण में भाजपा के पास 8, सपा के पास एक और बसपा के पास एक सीट है। ऐसे में चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सीटों के संभावित बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा के लिए 8 सीटों का गणित मजबूत दिखाई देता है, जबकि सपा दो सीटों के लिए अपनी स्थिति बनाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि अंतिम समीकरण उम्मीदवारों के नाम, दलों के समर्थन और मतदान के दौरान विधायकों के रुख पर निर्भर करेगा। बसपा के पास उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोई विधायक नहीं है, जबकि राज्यसभा में उसका एक सदस्य है। ऐसे में बसपा की राज्यसभा मौजूदगी को लेकर भी इन चुनावों में राजनीतिक चर्चा बनी हुई है।
यूपी की राजनीति में चुनावों का महत्व
राज्यसभा और MLC चुनाव ऐसे समय हो रहे हैं जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां भी चल रही हैं। राज्यसभा चुनाव 16 अक्टूबर को होंगे और इसके एक सप्ताह बाद 23 अक्टूबर को विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान होगा। इस वजह से आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम तय करने, दलों के बीच समर्थन के समीकरण और संगठनात्मक तैयारियों को लेकर गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिल्ली यात्रा में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से होने वाली मुलाकातें इसी व्यापक राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों के बीच हो रही हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से हुई बैठक में विकास परियोजनाओं और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित यूपी कार्यक्रमों पर चर्चा को लेकर जानकारी सामने आई है, जबकि नितिन नवीन से होने वाली बैठक को लेकर राज्यसभा और MLC चुनावों पर संभावित चर्चा की बात सूत्रों के हवाले से कही जा रही है।
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