प्रेमानंदजी महाराज के 25 साल के शिष्य की मौत, गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरे नीचे, परिवार ने लगाया मिलने नहीं देने का आरोप

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस को कमरे से ग्राइंडर और खून के निशान मिले हैं, जबकि CCTV में उनके बिल्डिंग से गिरने की बात सामने आई है। परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब दो साल पहले दीक्षा लेने के बाद से उन्हें रसिक दुलारी से मिलने नहीं दिया जाता था। पुलिस मोबाइल डेटा, CCTV, फोरेंसिक साक्ष्यों और परिवार के आरोपों की जांच कर रही है। इस पूरी घटना में मौत से पहले की परिस्थितियां और कमरे में मिले सामान जांच के अहम बिंदु बने हुए हैं।

Sep 26, 2026 - 12:51
Sep 26, 2026 - 12:52
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प्रेमानंदजी महाराज के 25 साल के शिष्य की मौत,  गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से गिरे नीचे, परिवार ने लगाया मिलने नहीं देने का आरोप

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से नीचे गिरे थे। गंभीर हालत में उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से एक ग्राइंडर मिला है, जिस पर खून के निशान बताए गए हैं। शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि घटना से पहले क्या हुआ था। पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से मिले CCTV फुटेज में रसिक दुलारी शरण बिल्डिंग से नीचे गिरते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, उनकी मौत की वजह और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर अभी जांच जारी है। परिवार ने आरोप लगाया है कि दीक्षा लेने के बाद से उन्हें रसिक दुलारी से आसानी से मिलने नहीं दिया जाता था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

चौथी मंजिल से गिरे, अस्पताल पहुंचने तक हो चुकी थी मौत
घटना वृंदावन के वाराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग की है। यह चार मंजिला इमारत संत प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट केली कुंज से जुड़ी बताई गई है। यहां आश्रम से जुड़े 50 से ज्यादा शिष्य और सेवादार रहते हैं। बिल्डिंग प्रेमानंद महाराज के पुराने केली कुंज आश्रम से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। पुलिस के अनुसार, रसिक दुलारी शरण गुरुवार सुबह चौथी मंजिल पर गए थे। कुछ देर वहां रहने के बाद वह नीचे गिर गए। करीब आधे घंटे तक वह वहीं पड़े रहे। बाद में आश्रम से जुड़े लोगों की नजर उन पर पड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। सर्वोदय अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

कमरे से मिला ग्राइंडर, खून के निशान की भी जांच 
पुलिस को घटनास्थल और कमरे की जांच के दौरान एक ग्राइंडर मिला है। पुलिस के मुताबिक, उस पर खून के निशान मिले हैं। शरीर पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से शरीर के निजी हिस्से से खून निकलने की बात कही गई है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोट कैसे लगी। कमरे से मिले सामान को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ग्राइंडर और शरीर पर मिले चोट के निशान घटना से किस तरह जुड़े हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

CCTV में बिल्डिंग से गिरते दिखाई दिए रसिक
सीओ संदीप सिंह के मुताबिक, पुलिस को एक CCTV फुटेज मिला है, जिसमें रसिक दुलारी शरण बिल्डिंग से नीचे गिरते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, CCTV में केवल गिरने की घटना दिखाई देना इस बात का जवाब नहीं देता कि उससे पहले क्या हुआ था। पुलिस अब घटना से पहले की गतिविधियों और रसिक दुलारी के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय वह चौथी मंजिल पर अकेले थे या वहां कोई और भी मौजूद था।

परिवार का आरोप- दीक्षा लेने के बाद मिलने नहीं दिया जाता था
रसिक दुलारी के परिवार ने आश्रम से जुड़े लोगों पर उन्हें मिलने नहीं देने का आरोप लगाया है। एसपी सिटी राजीव कुमार के मुताबिक, परिवार मथुरा पहुंच चुका है और थाने में शिकायत भी दी गई है। परिवार के आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। अभी तक पुलिस ने यह नहीं कहा है कि परिवार की ओर से लगाए गए आरोप घटना की वजह से सीधे जुड़े हैं। रसिक के बहनोई सोनू पटेल ने बताया कि घटना के बाद आश्रम से उन्हें फोन आया था। उन्हें बताया गया कि रसिक छत से गिर गए हैं और डॉक्टर ऑपरेशन की बात कर रहे हैं। परिवार रात में ट्रेन से मथुरा पहुंचा। सोनू के मुताबिक, परिवार को अस्पताल जाने के बजाय सीधे आश्रम आने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि शाम करीब 5 बजे आश्रम पहुंचने के बाद परिवार को बैठाकर रखा गया और रात करीब 9 बजे तक रसिक से मुलाकात नहीं कराई गई। जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि रसिक खुद गिरे या किसी ने उन्हें गिराया, तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं कह सकते क्योंकि उन्हें भी घटना की पूरी जानकारी नहीं है।

बहनोई बोले- दीक्षा के बाद से मुलाकात मुश्किल हो गई थी
सोनू पटेल ने बताया कि जब से रसिक दुलारी ने दीक्षा ली थी, उसके बाद परिवार के लोगों को उनसे मिलने में परेशानी होती थी। उनके मुताबिक, परिवार जब आश्रम आता था तो कई बार एक-दो घंटे इंतजार करने को कहा जाता था। उनका आरोप है कि कई बार दिनभर इंतजार करने के बावजूद रसिक से मुलाकात नहीं हो पाती थी। परिवार के इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

दो साल पहले ली थी दीक्षा, बदल लिया था नाम
रसिक दुलारी शरण का मूल नाम दीपक लोधी बताया जा रहा है। वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। करीब दो साल पहले वह वृंदावन आए और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली। दीक्षा के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर रसिक दुलारी शरण रख लिया। परिवार में वह दो भाइयों और एक बहन में बीच के थे। उनकी बड़ी बहन और छोटा भाई मनीष है। परिवार के मुताबिक, उनकी मां लौंग बाई भी करीब एक साल पहले वृंदावन आई थीं। उस दौरान वह कुछ दिनों तक दूसरी जगह रुकी थीं और रसिक उनसे मिलने जाते थे। परिवार की ओर से यह भी बताया गया है कि रसिक दुलारी नर्मदा की करीब 3000 किलोमीटर की परिक्रमा कर चुके थे।

बिजली का काम जानते थे, आश्रम में इसी सेवा से जुड़े थे
रसिक दुलारी को बिजली का काम आता था। इसी वजह से आश्रम में उन्हें बिजली से जुड़ी सेवा का काम दिया गया था। करीब तीन महीने पहले उन्हें गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल पर रहने के लिए कमरा मिला था। यहीं से उनके गिरने की घटना सामने आई। पुलिस अब कमरे और वहां मौजूद सामान की भी जांच कर रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।

मोबाइल फोन से खुलेगा घटना से पहले का राज?
पुलिस अब रसिक दुलारी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि घटना से पहले उन्होंने किससे बात की थी और उनकी आखिरी बातचीत किन लोगों से हुई थी। पुलिस यह भी देख रही है कि घटना से पहले उनके फोन पर कोई कॉल, मैसेज या अन्य गतिविधि हुई थी या नहीं। मोबाइल डेटा और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। सीओ संदीप सिंह के मुताबिक, घटनास्थल से मिले संदिग्ध सामान की भी जांच की जा रही है और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।

मौत को लेकर कई सवाल अभी भी अनसुलझे 
रसिक दुलारी शरण की मौत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चौथी मंजिल से गिरने से पहले क्या हुआ था। पुलिस के पास CCTV फुटेज है, लेकिन घटना से पहले की पूरी परिस्थिति अभी जांच का हिस्सा है। कमरे से ग्राइंडर मिलने और उस पर खून के निशान की बात भी जांच का अहम हिस्सा है। शरीर पर मिले चोट के निशान किस वजह से हैं और क्या उनका ग्राइंडर से कोई संबंध है, यह फोरेंसिक जांच से स्पष्ट होगा। परिवार ने आश्रम में उनसे मिलने नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। ऐसे में पुलिस यह भी देख रही है कि परिवार के आरोपों और घटना के बीच कोई संबंध है या नहीं। अभी तक पुलिस ने किसी व्यक्ति को इस मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है और न ही यह निष्कर्ष सामने आया है कि रसिक दुलारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

18 मई से नए आश्रम में रह रहे प्रेमानंद महाराज
रसिक दुलारी से जुड़ी घटना के बीच संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। प्रेमानंद महाराज पहले केली कुंज आश्रम में रहते थे, लेकिन 18 मई को उन्होंने केली कुंज छोड़ दिया था। इसके बाद से वह यमुना विहार कुंज आश्रम में रह रहे हैं। यमुना विहार कुंज आश्रम केली कुंज से यमुना के रास्ते करीब 3 किलोमीटर और सड़क मार्ग से करीब 18 किलोमीटर दूर बताया जाता है। राधा अष्टमी के मौके पर प्रेमानंद महाराज केली कुंज आश्रम पहुंचे थे। उन्होंने वहां राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया और दोपहर तक वहां रहे। इसके बाद वह वापस नए आश्रम चले गए।

पुलिस की जांच में अब इन सवालों के जवाब जरूरी
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पुलिस के सामने कई बिंदुओं की जांच करना अहम है। चौथी मंजिल पर उनके साथ क्या हुआ, घटना से पहले वह किसके संपर्क में थे, कमरे में मिला ग्राइंडर वहां क्यों था, शरीर पर चोट कैसे आई और परिवार के लगाए आरोपों की सच्चाई क्या है। CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और परिवार के बयान इस जांच के अहम हिस्से होंगे। इन सभी साक्ष्यों को जोड़ने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि 25 साल के रसिक दुलारी शरण की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल पुलिस इसे लेकर जांच कर रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

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Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content