यूपी बीजेपी की नई टीम का ऐलान, सपा की बागी पूजा पाल को बनाया उपाध्यक्ष, OBC पर दिखाया भरोसा, ठाकुर और ब्राह्मण चेहरों में की कटौती
2027 विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। 52 में से सिर्फ 7 चेहरे रिपीट हुए हैं, जबकि OBC प्रतिनिधित्व में बड़ा इजाफा किया गया है। राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह और सपा से आईं पूजा पाल को अहम जिम्मेदारी मिली है। आखिर भाजपा की इस नई टीम के पीछे क्या है चुनावी गणित?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन भाजपा ने उसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। गुरुवार को घोषित प्रदेश कार्यकारिणी की नई सूची को सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल मानना बड़ी भूल होगी। दरअसल, यह सूची भाजपा की आने वाली चुनावी रणनीति, सामाजिक समीकरण और नेतृत्व की प्राथमिकताओं का रोडमैप मानी जा रही है। भाजपा ने 52 पदाधिकारियों वाली नई टीम में बड़े पैमाने पर बदलाव करते हुए साफ कर दिया है कि पार्टी अब नए चेहरों और नए सामाजिक समीकरणों के साथ चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूरी कार्यकारिणी में सिर्फ 7 चेहरे ही ऐसे हैं जिन्हें दोबारा मौका मिला है। बाकी लगभग 90 प्रतिशत पदाधिकारी नए हैं।
OBC पर जताया भरोसा
नई टीम में भाजपा का सबसे बड़ा फोकस पिछड़ा वर्ग दिखाई देता है। पिछली कार्यकारिणी में जहां 16 ओबीसी नेता थे, वहीं इस बार उनकी संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ ब्राह्मण और ठाकुर वर्ग के प्रतिनिधित्व में कमी आई है। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 6 हो गई है। ऐसे में यह बदलाव सीधे तौर पर उस वोट बैंक को साधने की कोशिश माना जा रहा है, जो 2027 के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
पूजा पाल और नीरज सिंह की एंट्री ने बढ़ाई चर्चा
नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा दो नामों की हो रही है। पहला नाम है प्रयागराज की विधायक पूजा पाल का, जिन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। समाजवादी पार्टी से निष्कासन के बाद भाजपा में आईं पूजा पाल को लेकर लंबे समय से चर्चा थी कि उन्हें सरकार में जगह मिल सकती है। हालांकि फिलहाल पार्टी ने उन्हें संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देकर मजबूत राजनीतिक संदेश दिया है। दूसरा नाम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह का है। उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। खास बात यह है कि पहले प्रदेश टीम में राजनाथ सिंह के बड़े बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह सक्रिय भूमिका में थे, लेकिन इस बार उनकी जगह नीरज सिंह को मौका मिला है।
सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले, संगठन में नए दौर की शुरुआत
भाजपा ने सिर्फ प्रदेश स्तर पर ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अपने सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्षों को बदल दिया है। पश्चिम, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र में नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा बूथ स्तर तक नई टीम और नई ऊर्जा के साथ काम करना चाहती है। यही वजह है कि क्षेत्रीय नेतृत्व में भी व्यापक बदलाव किए गए हैं।
अमित शाह के पीए और पत्रकार को भी मिली जिम्मेदारी
नई टीम में केंद्रीय नेतृत्व की पसंद भी साफ दिखाई देती है। गृह मंत्री अमित शाह के पीए अंकुर शर्मा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। वहीं पत्रकार यतेंद्र शर्मा को भी प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूर्व मंत्री सुरेश राणा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह को भी संगठन में बड़ी भूमिका दी गई है।
कई नेताओं को मिला प्रमोशन
नई सूची में कई नेताओं को पदोन्नति देकर पार्टी ने उनके कामकाज पर भरोसा जताया है। गीता शाक्य को महिला मोर्चा अध्यक्ष से प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। अभिजात मिश्रा, शंकर लोधी और दिलीप पटेल को भी बड़ी जिम्मेदारियां देकर संगठन में ऊपर लाया गया है।
क्यों अहम है यह पूरी टीम?
दरअसल यह वही टीम है जो 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए जमीन पर काम करेगी। सदस्यता अभियान से लेकर बूथ प्रबंधन, रैलियों की तैयारी, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी रणनीति को लागू करने तक की जिम्मेदारी इसी टीम पर होगी। यानी भाजपा की नई कार्यकारिणी सिर्फ पदों की सूची नहीं, बल्कि 2027 के चुनाव का पहला राजनीतिक ब्लूप्रिंट है। इस सूची से पार्टी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनाव में उसका सबसे बड़ा भरोसा नए चेहरों, पिछड़ा वर्ग और संगठनात्मक बदलाव पर रहने वाला है।
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