एंबुलेंस में शुरू हुआ लेबर पेन…बाहर आने लगा नवजात के पैर, जबरन खींचने से अलग हुआ धड़, पेट में फंसा सिर, ऐसे बची महिला

बस्ती में प्रसव के दौरान लापरवाही से नवजात की मौत हो गई और प्रसूता की जान खतरे में पड़ गई। एंबुलेंस में जल्दबाजी में किए गए गलत प्रयास से बच्चा अलग हो गया। बाद में मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई गई। मामले में जांच और कार्रवाई की मांग उठी है।

Apr 14, 2026 - 10:17
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एंबुलेंस में शुरू हुआ लेबर पेन…बाहर आने लगा नवजात के पैर, जबरन खींचने से अलग हुआ धड़, पेट में फंसा सिर, ऐसे बची महिला

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां सरकारी अस्पताल के स्टाफ की कथित लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण एक नवजात की मौत हो गई, जबकि उसकी मां की जान भी खतरे में पड़ गई। बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान की गई एक बड़ी तकनीकी गलती से नवजात का धड़ सिर से अलग हो गया और उसका सिर मां के गर्भ में ही फंसा रह गया। यह घटना 8 अप्रैल को हुई, जिसने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों में काम करने वाले स्टाफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एम्बुलेंस में बिगड़ी हालत, जल्दबाजी में हुआ गंभीर हादसा
यह मामला कलवारी थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव का है। यहां के रहने वाले नीरज कुमार की 27 वर्षीय पत्नी प्रेमा देवी को 8 अप्रैल को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार वाले उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुदरहा ले जा रहे थे। रास्ते में ही बच्चे के पैर बाहर आने लगे, जिससे मामला गंभीर हो गया। जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, वहां मौजूद स्टाफ ने बिना पूरी स्थिति समझे जल्दबाजी में प्रसव कराने की कोशिश की।

जबरन खींचने से हुआ दर्दनाक हादसा
पीड़ित पति का आरोप है कि स्टाफ नर्स कुसुम ने इंजेक्शन देने के बाद एंबुलेंस में ही बच्चे के पैर पकड़कर जोर से खींचा। झटका इतना तेज था कि नवजात का शरीर सह नहीं पाया और उसका धड़ सिर से अलग हो गया। उस समय बच्चा मर चुका था और उसका सिर मां के गर्भ में ही फंसा रह गया, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

निजी अस्पताल में भी लापरवाही
इस गंभीर स्थिति के बाद सीएचसी स्टाफ ने जिम्मेदारी लेने के बजाय महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल भेज दिया। वहां भी इलाज शुरू करने से पहले परिवार से 7 हजार रुपये वसूल लिए गए। हालत बिगड़ने पर परिजन महिला को बस्ती मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने तुरंत 2 घंटे तक जटिल ऑपरेशन किया और गर्भ में फंसे नवजात के सिर को बाहर निकाला। कड़ी मेहनत के बाद महिला की जान बचाई जा सकी।

विशेषज्ञों की राय और जांच की मांग
डॉक्टरों के अनुसार, जब बच्चा पैर की तरफ से आता है, तो यह हाई-रिस्क स्थिति होती है और ऐसे में ऑपरेशन करना ही सुरक्षित रहता है। जबरन खींचने से गंभीर हादसे हो सकते हैं। पीड़ित परिवार ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सीएमओ ने मामले की रिपोर्ट मांगी है। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की जरूरत को साफ दिखाती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी, UP News Network में सब-एडिटर हैं। राजनीति, क्राइम, स्पोर्ट्स, ज्योतिष और धार्मिक विषयों से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम करते हैं। मीडिया जगत में 3 वर्ष का अनुभव है। रिपोर्टिंग, स्पेशल स्टोरीज़ और स्पेशल खरी-खोटी जैसे कार्यक्रमों पर काम किया है। कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एंकरिंग का भी अनुभव है। SumanTV, Hyderabad (डिजिटल प्लेटफॉर्म) के साथ कार्य कर चुके हैं और ZEE News व India Watch जैसे प्रतिष्ठित न्यूज़ संस्थानों में इंटर्नशिप का अनुभव हासिल किया है। पिछले 1 साल से यूपी न्यूज़ नेटवर्क (डिजिटल) से जुड़ा हुआ हूं और उत्तर प्रदेश से जुड़ी अहम खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहे हैं। एमजेएमसी की पढ़ाई कर चुके अश्वनी तिवारी की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, ज़मीनी मुद्दों और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने वाली पत्रकारिता से है। मेरी जन्मस्थली वाराणसी है, जबकि कार्य के दौरान मैं कई शहरों में रहकर पत्रकारिता कर चुका हूं।