जेब में अब नहीं फटेंगे नोट… RBI लाने जा रहा प्लास्टिक करेंसी, जल्द शुरू होगा बड़ा ट्रायल

RBI: आरबीआई देश में प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट लाने की तैयारी कर रहा है। बढ़ती छपाई लागत, जल्दी खराब होने वाले नोट और नकदी की बढ़ती मांग को देखते हुए जल्द पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है। दुनिया के 60 देशों में पहले से प्लास्टिक नोट चल रहे हैं।

May 29, 2026 - 10:31
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जेब में अब नहीं फटेंगे नोट… RBI लाने जा रहा प्लास्टिक करेंसी, जल्द शुरू होगा बड़ा ट्रायल

देश में जल्द ही प्लास्टिक यानी पॉलिमर के नोट देखने को मिल सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में पटना और मुंबई में हुई केंद्रीय बैंक की बोर्ड बैठकों में प्लास्टिक नोटों को लेकर गंभीर चर्चा की गई। लगातार बढ़ती नकदी की मांग, कागज के नोटों की छपाई पर बढ़ता खर्च और नोटों के जल्दी खराब होने जैसी समस्याओं को देखते हुए आरबीआई अब नए विकल्प तलाश रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही आम लोगों के लिए प्लास्टिक नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है। अगर यह सफल रहा, तो आने वाले समय में देश में बड़े स्तर पर पॉलिमर नोट चलन में आ सकते हैं।

कागज के नोटों पर बढ़ रहा भारी खर्च
आरबीआई की वित्त वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश में कागज के नोट छापने पर 6,372.8 करोड़ रुपये खर्च हुए। पिछले वित्त वर्ष में यह खर्च 5,101.4 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में नोट छापने की लागत में बड़ा इजाफा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय में प्लास्टिक के नोट ज्यादा किफायती साबित हो सकते हैं, क्योंकि उनकी उम्र कागज के नोटों से कहीं ज्यादा होती है। साथ ही अब देश के एटीएम इतने आधुनिक हो चुके हैं कि वे आसानी से पॉलिमर नोटों को पहचान सकते हैं।

फटे-पुराने नोट बन रहे बड़ी परेशानी
देश में बड़ी संख्या में नोट जल्दी खराब हो जाते हैं। वित्त वर्ष 2025 में आरबीआई ने 23.8 अरब खराब नोटों को चलन से बाहर किया। यह पिछले साल की तुलना में 12.3 फीसदी ज्यादा है। इनमें सबसे ज्यादा 500 रुपये और उसके बाद 100 रुपये के नोट शामिल थे। डिजिटल पेमेंट बढ़ने के बावजूद देश में नकदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। 15 मई तक देश में चलन में मौजूद कुल मुद्रा 42.86 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। ऐसे में बार-बार नए नोट छापने का दबाव भी बढ़ रहा है। प्लास्टिक नोट ज्यादा टिकाऊ होने के कारण इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

छोटे नोटों के लिए भी बन सकता है समाधान
देश में 10 और 20 रुपये जैसे छोटे नोटों की मांग हमेशा बनी रहती है। हालांकि कुल मुद्रा में इनकी हिस्सेदारी एक फीसदी से भी कम है। पहले सरकार ने सिक्कों का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन लोगों ने उसे ज्यादा पसंद नहीं किया। साल 2012 में पांच शहरों में 10 रुपये के प्लास्टिक नोटों का ट्रायल भी हुआ था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब तकनीक पहले से काफी बेहतर हो चुकी है, इसलिए पुरानी दिक्कतें दूर होने की उम्मीद है।

दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे प्लास्टिक नोट
प्लास्टिक नोट कोई नई व्यवस्था नहीं है। दुनिया के करीब 60 देशों में पॉलिमर नोट इस्तेमाल हो रहे हैं। इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया ने साल 1988 में की थी। इसके बाद सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया जैसे देशों ने भी इसे अपनाया। कनाडा और रोमानिया जैसे देशों में भी यह व्यवस्था सफल रही है। अब भारत भी इसी दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।