कब है साल की सबसे कठिन एकादशी? जानिए व्रत, पारण और पूजा का सही समय

Nirjala Ekadashi 2026: साल 2026 में निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी। इस दिन बिना पानी के कठिन व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस एक व्रत से सालभर की सभी एकादशियों का पुण्य मिलता है। जानिए शुभ मुहूर्त, पारण समय, पूजा विधि और इससे जुड़ी पौराणिक कथा।

May 26, 2026 - 09:48
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कब है साल की सबसे कठिन एकादशी? जानिए व्रत, पारण और पूजा का सही समय

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है, लेकिन सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी सबसे कठिन और श्रेष्ठ मानी जाती है। यह व्रत ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी में रखा जाता है और इसकी सबसे खास बात यह है कि इस दिन श्रद्धालु अन्न तो दूर, पानी की एक बूंद भी ग्रहण नहीं करते। इसी वजह से इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पूरे साल की 24 एकादशियों का व्रत नहीं रख पाता, तो केवल निर्जला एकादशी का विधि-विधान से व्रत रखने पर उसे सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है। इस व्रत को भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।

कब है निर्जला एकादशी 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार साल 2026 में निर्जला एकादशी तिथि 24 जून 2026 को शाम 6 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 25 जून 2026 को रात 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर निर्जला उपवास करेंगे।

पारण का सही समय और महत्व
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। साल 2026 में निर्जला एकादशी व्रत का पारण 26 जून को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से सुबह 8 बजकर 13 मिनट तक किया जाएगा। वहीं द्वादशी तिथि का समापन रात 10 बजकर 22 मिनट पर होगा। धार्मिक मान्यता है कि सही समय पर व्रत का पारण करने से ही व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। इसलिए श्रद्धालु पारण के समय का विशेष ध्यान रखते हैं।

भीमसेन से जुड़ी है यह पौराणिक कथा
निर्जला एकादशी के पीछे महाभारत काल की एक प्रसिद्ध कथा जुड़ी हुई है। पांडवों में भीमसेन को छोड़कर सभी भाई, माता कुंती और द्रौपदी हर एकादशी का व्रत रखते थे। लेकिन भीमसेन को अधिक भूख लगती थी और वे नियमित उपवास नहीं कर पाते थे। तब उन्होंने महर्षि वेदव्यास से इसका उपाय पूछा। महर्षि ने उन्हें बताया कि यदि वे साल में केवल एक बार निर्जला एकादशी का कठिन व्रत रख लें, तो उन्हें सभी 24 एकादशियों के बराबर पुण्य मिलेगा। भीमसेन ने बिना पानी ग्रहण किए यह व्रत रखा, तभी से इसे भीमसेनी एकादशी कहा जाने लगा।

पूजा विधि और दान का महत्व
निर्जला एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में पीले फूल, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। इस दिन {ॐ नमो भगवते वासुदेवाय} मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। श्रद्धालु पूरे दिन भजन-कीर्तन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन जल से भरा घड़ा, छाता, वस्त्र, पंखा, फल और शरबत का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। कहा जाता है कि इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।