गरीबों के लिए वरदान बनी SP की पाठशाला, जबलपुर में 63 छात्र बने सरकारी नौकरी के हकदार
MP News: जबलपुर की SP की पाठशाला में 63 छात्रों को सरकारी नौकरी में चयन के लिए सम्मानित किया गया। इस योजना से अब तक 389 छात्र चयनित हो चुके हैं। पुलिस और विशेषज्ञ शिक्षक मिलकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह पहल गरीब और पुलिस परिवार के बच्चों के लिए बड़ा सहारा बन रही है।
Jabalpur SP Ki Pathshala: मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस की एक अनोखी पहल ‘एसपी की पाठशाला’ लगातार सफलता की नई कहानी लिख रही है। पुलिस लाइन में चल रही यह विशेष शैक्षणिक योजना अब कई गरीब और पुलिस परिवार के बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बन चुकी है। मंगलवार 16 अप्रैल 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कुल 63 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इन सभी ने कड़ी मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर विभिन्न सरकारी नौकरियों में सफलता हासिल की है। इस कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और सभी चयनित अभ्यर्थियों की उपलब्धि की सराहना की गई। यह पहल लगातार युवाओं को सही दिशा देने का काम कर रही है।
कार्यक्रम में 63 चयनित अभ्यर्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस उप महानिरीक्षक अतुल सिंह मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय की उपस्थिति में सभी चयनित छात्रों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो दिए गए। DIG अतुल सिंह ने कहा कि जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, वैसे ही इन छात्रों ने कठिन मेहनत से सफलता पाई है। इस सत्र में चयनित 63 अभ्यर्थियों में मध्य प्रदेश पुलिस में 53 कांस्टेबल, BSF और RPF में 4 कांस्टेबल, शिक्षा विभाग में 3 वर्ग-3 पद, बैंकिंग क्षेत्र में 1 ग्रामीण बैंक PO, 1 इंडियन बैंक क्लर्क और 1 युवा दिल्ली पुलिस कांस्टेबल शामिल है।
अब तक की उपलब्धियां और चयन का रिकॉर्ड
एसपी की पाठशाला साल 2020 से लगातार चल रही है। इसके तहत अब तक बड़ी संख्या में छात्रों का चयन हुआ है। 2021 से 2024 के बीच 124 अभ्यर्थी चयनित हुए, जबकि 2025 में 102 और 2026 में अब तक 83 छात्रों ने सफलता हासिल की है। इस तरह कुल 389 अभ्यर्थी अब तक शासकीय सेवाओं में नियुक्त हो चुके हैं। वर्तमान में यहां 72 छात्र थ्योरी क्लास और 48 छात्र फिजिकल ट्रेनिंग का लाभ ले रहे हैं।
विशेषज्ञों की टीम और प्रशिक्षण व्यवस्था
इस पाठशाला की खास बात यह है कि यहां पढ़ाई के साथ-साथ फिजिकल ट्रेनिंग पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय और अन्य विभागों के विशेषज्ञ छात्रों को पढ़ाते हैं। इनमें डॉ. आशीष यादव (नागरिक शास्त्र), विकास तिवारी (इतिहास), कमलेश इंगले (मैथ्स) और नीलेश इंगले (रीजनिंग) शामिल हैं। वहीं रक्षित निरीक्षक जय प्रकाश आर्य के नेतृत्व में पुलिस के प्रशिक्षित जवान फिजिकल ट्रेनिंग देते हैं।
अधिकारियों का संदेश और उद्देश्य
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गरीब और पुलिस परिवार के बच्चों को एक मजबूत मंच देना है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी किसी भी छात्र की सफलता में बाधा नहीं बननी चाहिए। साथ ही उन्होंने असफल रहे छात्रों को भी हिम्मत देते हुए कहा कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और प्रयास जारी रखना चाहिए।
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