माता-पिता IAS हैं तो आरक्षण क्यों? OBC रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण में रिजर्वेशन को लेकर अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि अगर माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं और अच्छी आय में हैं, तो बच्चों को आरक्षण से बाहर आना चाहिए। कोर्ट ने सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन के अंतर तथा EWS और क्रीमी लेयर के फर्क पर भी सवाल उठाए।

May 22, 2026 - 12:40
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माता-पिता IAS हैं तो आरक्षण क्यों? OBC रिजर्वेशन पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

Supreme court: ओबीसी आरक्षण और रिजर्वेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अहम टिप्पणी की। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि अगर किसी छात्र के माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं और अच्छी आय में हैं, तो उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ क्यों मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि जिन परिवारों को शिक्षा और नौकरी के जरिए सामाजिक और आर्थिक मजबूती मिल चुकी है, उन्हें आरक्षण से बाहर निकलने पर भी विचार करना चाहिए। यह टिप्पणी पिछड़े वर्गों में क्रीमी लेयर से जुड़े आरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान की गई। हालांकि अदालत ने फिलहाल मामले में नोटिस जारी किया है और अंतिम फैसला नहीं सुनाया है।

जस्टिस नागरत्ना ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि अगर दोनों माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं, तो फिर उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ क्यों मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से सामाजिक बदलाव आता है और इससे परिवार की स्थिति बेहतर होती है। उन्होंने कहा कि अगर माता-पिता अच्छी नौकरियों में हैं और उनकी आय भी अच्छी है, फिर भी बच्चे आरक्षण की मांग कर रहे हैं, तो इस पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि ऐसे परिवारों को आरक्षण व्यवस्था से बाहर निकलना चाहिए ताकि इसका लाभ उन लोगों तक पहुंच सके जिन्हें वास्तव में जरूरत है।

EWS और क्रीमी लेयर पर भी उठे सवाल
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि EWS का आधार केवल आर्थिक कमजोरी है, जबकि क्रीमी लेयर का मामला सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन से भी जुड़ा होता है। कोर्ट ने कहा कि दोनों की तुलना एक जैसी नहीं की जा सकती। अगर EWS और क्रीमी लेयर के मानदंडों को एक समान माना जाएगा, तो दोनों के बीच का अंतर खत्म हो जाएगा। इसलिए इस मामले में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

सामाजिक गतिशीलता पर कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि जब कोई परिवार आरक्षण का लाभ लेकर शिक्षा और सरकारी सेवाओं में ऊंचे पद तक पहुंच जाता है, तो उसकी सामाजिक स्थिति में बदलाव आता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर दोनों माता-पिता सरकारी सेवा में बड़े पदों पर हैं और अच्छी स्थिति में हैं, तो यह सामाजिक गतिशीलता का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने ऐसे कुछ लोगों को आरक्षण से बाहर करने के आदेश दिए हैं और अब वे लोग इस फैसले को चुनौती दे रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इस पूरे मुद्दे पर गहराई से विचार करने की जरूरत है।हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है, लेकिन अदालत की इस टिप्पणी के बाद ओबीसी आरक्षण और क्रीमी लेयर को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।