करोड़ों में खरीदे गए ऑलराउंडर का 1 रन पड़ा 15 लाख का, इस बार के आईपीएल में कुछ ऐसी रही यूपी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन, शमी और कुलदीप भी नहीं दिखा पाए अपना जादू
आईपीएल 2026 में यूपी के कई स्टार खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। 14 करोड़ में खरीदे गए खिलाड़ी का एक रन 15 लाख रुपए का पड़ा। रिंकू सिंह, मोहम्मद शमी और कुलदीप यादव भी फीके रहे, जबकि 37 साल के भुवनेश्वर कुमार ने अपने दम पर आरसीबी को फाइनल तक पहुंचाया। आखिर किसने किया निराश और कौन बना यूपी का सबसे बड़ा हीरो? पढ़िए यूपी के खिलाड़ियों का पूरा रिपोर्ट कार्ड...
आईपीएल का 19वां सीजन खत्म होने के साथ उत्तर प्रदेश के क्रिकेटरों का प्रदर्शन भी चर्चा के केंद्र में आ गया है। इस बार प्रदेश के 10 से ज्यादा खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे। कुछ खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये की बोली लगी, कुछ को भविष्य का बड़ा सितारा माना गया, लेकिन मैदान पर तस्वीर उम्मीदों से काफी अलग नजर आई। जहां करोड़ों में बिके कुछ खिलाड़ी संघर्ष करते दिखाई दिए, वहीं 37 साल के अनुभवी भुवनेश्वर कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्लास और अनुभव की कोई उम्र नहीं होती।
सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने, लेकिन उम्मीदों का बोझ नहीं संभाल सके प्रशांत वीर
अमेठी के गूजीपुर गांव से निकलकर आईपीएल की सबसे बड़ी सुर्खियां बटोरने वाले प्रशांत वीर इस सीजन की सबसे चर्चित कहानी रहे। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन पर 14 करोड़ 20 लाख रुपये की बड़ी बोली लगाई थी। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों में शामिल हो गए। हालांकि मैदान पर उनकी चमक वैसी नहीं दिखी, जैसी नीलामी में दिखाई दी थी। पूरे सीजन में उन्हें सीमित मौके मिले और उन्होंने सिर्फ 91 रन बनाए। अगर आंकड़ों को देखें तो उनका एक-एक रन करीब 15.6 लाख रुपये का पड़ा। ऑलराउंडर के तौर पर उनसे बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में वह खुद को पूरी तरह साबित नहीं कर सके।
13 करोड़ के रिंकू सिंह भी नहीं दोहरा सके पुराना जादू
अलीगढ़ के रिंकू सिंह पिछले कुछ वर्षों से आईपीएल के सबसे भरोसेमंद फिनिशरों में गिने जाते रहे हैं। इसी भरोसे के दम पर कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। लेकिन इस सीजन उनका बल्ला अपेक्षाकृत शांत रहा। 14 मैचों में उन्होंने 295 रन बनाए और सिर्फ दो अर्धशतक लगाए। कई मौकों पर टीम को उनसे मैच जिताने वाली पारियों की उम्मीद थी, लेकिन रिंकू उस स्तर का प्रभाव नहीं छोड़ सके जिसके लिए वे जाने जाते हैं। यही वजह रही कि केकेआर का अभियान भी ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका।
ध्रुव जुरेल बने यूपी के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज
अगर किसी बल्लेबाज ने उत्तर प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा किया तो वह आगरा के ध्रुव जुरेल रहे। राजस्थान रॉयल्स ने उन पर 14 करोड़ रुपये का भरोसा जताया था और ध्रुव उस भरोसे पर लगभग पूरी तरह खरे उतरे। उन्होंने 16 मैचों में 515 रन बनाए और छह शानदार अर्धशतक लगाए। 154 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट के साथ ध्रुव लगातार राजस्थान की बल्लेबाजी की रीढ़ बने रहे। विकेटकीपिंग के साथ-साथ उनकी मैच पढ़ने की क्षमता ने भी क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया।
भुवनेश्वर कुमार ने RCB को पहुंचाया फाइनल
जब युवा खिलाड़ी संघर्ष कर रहे थे, तब मेरठ के भुवनेश्वर कुमार ने अपने अनुभव का लोहा मनवाया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए उन्होंने 15 मैचों में 26 विकेट झटके और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई मुकाबलों में उन्होंने शुरुआती झटके देकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। दिल्ली के खिलाफ सिर्फ 5 रन देकर 3 विकेट और मुंबई के खिलाफ चार विकेट उनके शानदार प्रदर्शन की मिसाल रहे। आईपीएल 2026 में अगर किसी यूपी के खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा, तो वह भुवनेश्वर कुमार ही रहे।
मोहसिन खान ने सीमित मौकों में फिर दिखाई अपनी क्षमता
संभल के तेज गेंदबाज मोहसिन खान का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है, लेकिन जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 7 मैचों में 11 विकेट हासिल किए। कोलकाता के खिलाफ पांच विकेट लेकर उन्होंने रिकॉर्ड भी बनाया। वह आईपीएल इतिहास में पांच विकेट लेने वाले चुनिंदा अनकैप्ड खिलाड़ियों में शामिल हो गए। हालांकि फिटनेस अभी भी उनके करियर की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
समीर रिजवी की शुरुआत शानदार रही, लेकिन लय नहीं बची
मेरठ के समीर रिजवी ने सीजन की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी। शुरुआती दो मैचों में उन्होंने 70 और 90 रन की शानदार पारियां खेलीं। ऐसा लगने लगा था कि इस बार वह बड़ी छलांग लगाने वाले हैं। लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार गिरता चला गया। पूरे सीजन में उन्होंने 252 रन बनाए, जिनमें से अधिकांश रन शुरुआती मुकाबलों में ही आए। यह अस्थिरता उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
कुलदीप यादव और मोहम्मद शमी भी नहीं दिखा सके पुराना असर
कानपुर के स्पिनर कुलदीप यादव और अमरोहा के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से भी काफी उम्मीदें थीं। कुलदीप ने 11 मैचों में 10 विकेट लिए, लेकिन उनकी गेंदबाजी में वह धार नहीं दिखी जिसके लिए वह जाने जाते हैं। वहीं मोहम्मद शमी ने 13 मैचों में 12 विकेट जरूर लिए, लेकिन उनका प्रदर्शन भी औसत ही माना गया। कई मुकाबलों में वे विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके।
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