एटा पहुंची अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्ठि यात्रा, सपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से किया स्वागत, बोले- जो खुद को गौ रक्षक कहते हैं, वही उसकी दुर्दशा के जिम्मेदार
एटा में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रात्रि विश्राम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। सपा नेता के गेस्ट हाउस में ठहरने और सपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत कार्यक्रम के बीच गविष्ठि यात्रा ने नया राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। आखिर क्या हैं इसके मायने?
गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर निकाली जा रही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय धर्मयुद्ध गौ रक्षा भारत यात्रा मंगलवार को एटा जिले के अवागढ़ और जलेसर पहुंची। यात्रा के दौरान भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वाले लोगों में सबसे ज्यादा संख्या समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही। इस दौरान शंकराचार्य के उन बयानों की भी खूब चर्चा रही, जिनमें उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर गौ संरक्षण के मुद्दे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। शंकराचार्य ने कहा कि देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, उसकी पूजा की जाती है, लेकिन हकीकत यह है कि आज सबसे ज्यादा उपेक्षा उसी की हो रही है।
फूलों की बारिश से हुआ शंकराचार्य का स्वागत
दोपहर करीब डेढ़ बजे शंकराचार्य का काफिला अवागढ़ पहुंचा तो पूरा क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया। सपा नेता मंजीत यादव के लाडली सेवा सदन और सीपीएस विद्यालय परिसर में लोगों ने फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। गौ माता की जय और गौ माता की रक्षा हो के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। शंकराचार्य ने लोगों को गौ संरक्षण को केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा से जुड़ा विषय बताया।
स्वागत मंच पर उमड़ा सपा नेताओं का हुजूम
अवागढ़ में हुए शंकराचार्य के स्वागत कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या देखने को मिली। जिले के वरिष्ठ सपा नेता और जिला पंचायत सदस्य मंजीत यादव की अगुवाई में सपा के वरिष्ठ नेता राकेश यादव, जलेसर विधानसभा से संभावित सपा प्रत्याशी पुष्पेंद्र धनगर, इंजीनियर अनुराग यादव, पुष्पेंद्र सिंह यादव और सत्येंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्वागत के लिए मौजूद रहे। अवागढ़ से निकलने के बाद शंकराचार्य की यात्रा जलेसर पहुंची, जहां मां विद्या देवी गार्डन में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। निर्धारित समय से करीब चार घंटे की देरी से पहुंचे शंकराचार्य का यहां भी जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सपा सांसद रामजी लाल सुमन के समधी और सपा के पूर्व विधायक रणजीत सुमन ने पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद मंच संभालते ही शंकराचार्य ने गौ माता की स्थिति को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकारों पर सीधा हमला बोला।
बोले- गौ माता की दुर्गति के लिए सरकारें और उनके रक्षक जिम्मेदार
शंकराचार्य ने कहा कि आज देश में सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि एक तरफ गाय को माता कहकर सम्मान दिया जाता है और दूसरी तरफ उसकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपनी माता की ऐसी स्थिति देखकर भी चुप बैठा रहे तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौ माता की दुर्गति के लिए वे लोग जिम्मेदार हैं जो खुद को गौ रक्षक बताते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि जब गौ माता के रखवाले ही उन्हें काटने वालों से चंदा लेने लगें, जब गौ सेवा के नाम पर राजनीति होने लगे और जब गौ संरक्षण केवल भाषणों तक सीमित रह जाए, तो फिर गौ माता की यह स्थिति होना स्वाभाविक है।
'गौ माता के नाम पर राजनीति बहुत हुई, अब परिणाम चाहिए'
अपने भाषण के दौरान शंकराचार्य ने भारी संख्या में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि दशकों से गाय के नाम पर राजनीति होती रही है। चुनाव आते हैं तो गौ माता की बात होती है, बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वही गाय सड़कों पर बेसहारा घूमती दिखाई देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर गौशालाओं की हालत क्यों खराब है, किसान छुट्टा पशुओं से क्यों परेशान हैं और गौ तस्करी के मामले क्यों सामने आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें सचमुच गौ माता के प्रति संवेदनशील हैं तो उन्हें केवल घोषणा नहीं बल्कि ठोस फैसले लेने होंगे। गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देना होगा और उसके संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी होगी।
वोट की चोट वाले बयान ने बढ़ाई सियासी गरमाहट
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अपनी इस यात्रा के दौरान मौजूद सपा कार्यकर्ताओं से अप्रत्यक्ष रूप से इलेक्शन में अपनी ताकत दिखाने की अपील की। शंकराचार्य ने कहा कि यदि वास्तव में गौ माता के सम्मान की लड़ाई लड़ना चाहते हैं तो उसे अपनी नाराजगी और अपेक्षाओं को वोट के माध्यम से व्यक्त करना होगा। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ नारे लगाने से कुछ नहीं होगा। अगर आप चाहते हैं कि गौ माता को राष्ट्रीय सम्मान मिले, उसकी रक्षा हो और उसके नाम पर राजनीति बंद हो, तो वोट की चोट से सरकार को संदेश देना होगा।
मंच पर मौजूद रहे कई स्थानीय सपा नेता और समर्थक
कार्यक्रम में सपा नेता मंजीत यादव, सोनी राम यादव, रामनरेश यादव, धर्मेंद्र यादव, बबलू यादव, प्रधान सुरेंद्र डी पाठक, अखिलेश उपाध्याय, जीतू यादव, राम निवास यादव, रविंद्र यादव, टीपू सुल्तान और यशपाल सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक आस्था के बदले राजनीतिक संदेश का मिश्रण साफ दिखाई दिया।
सपा नेता के गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे शंकराचार्य
गविष्ठि यात्रा के तहत एटा पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद आज रात समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मंजीत यादव के कासगंज रोड स्थित गेस्ट हाउस में रुके हुए हैं। जिसके बाद यात्रा कार्यक्रम के अनुसार शंकराचार्य गुरुवार सुबह करीब 9 बजे एटा शहर में भ्रमण करते हुए अलीगंज के लिए रवाना होंगे। इस दौरान उनके काफिले का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। रास्ते में करतला चौराहा प्रमुख पड़ाव रहेगा, जहां समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके सम्मान समारोह की तैयारी की गई है। करतला चौराहे पर सम्मान समारोह के बाद शंकराचार्य का काफिला सीधे अलीगंज पहुंचेगा। यहां समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मुकेश यादव के राई रोड स्थित फार्महाउस पर उनके स्वागत और विश्राम की व्यवस्था की गई है। जहां उनके दर्शन और आशीर्वाद के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
एटा से शिवम कश्यप की रिपोर्ट
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