राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा! 24 घंटे की पुलिस कस्टडी में अविनाश, प्रतापगढ़ तक पहुंच सकती है टीम, आरोपियों के घर बुलडोजर की तैयारी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी में लेकर लगातार पूछताछ की जा रही है। उसके कमरे से बरामद 20 लाख रुपये, विदेशी मुद्रा और रामराज्य कोष का बक्सा जांच एजेंसियों के लिए कई नए सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी ओर SIT ने ट्रस्टियों को फिर तलब किया है, जबकि आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी भी शुरू हो गई है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब लगातार नए मोड़ ले रही है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी मिलने के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस अयोध्या जिला जेल पहुंची और उसे अपने साथ पुलिस लाइन लेकर आई। यहां करीब दो घंटे तक बंद कमरे में उससे गहन पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान मिले इनपुट पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम साबित हो सकते हैं। अब संभावना जताई जा रही है कि पुलिस अविनाश को लेकर उसके गृह जनपद प्रतापगढ़ भी जा सकती है, जहां कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
आरोपी के घर से मिला रामराज्य कोष लिखा हुआ एक बक्सा
जांच के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा उस बरामदगी की है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस को अविनाश के किराए के कमरे से करीब 20 लाख रुपये नकद, एक हजार अमेरिकी डॉलर, सोने-चांदी के आभूषण और रामराज्य कोष लिखा हुआ एक बक्सा मिला था। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि मंदिर में चढ़ावे के रूप में आए कुछ जेवर और नकदी अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी गई है। अब पुलिस अविनाश की निशानदेही पर उन ठिकानों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, जहां कथित तौर पर यह सामान रखा गया है।
प्रतापगढ़ कनेक्शन की भी होगी जांच
अविनाश शुक्ला मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले का रहने वाला है और राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती का काम करता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर चोरी की रकम या आभूषण किसी दूसरे जिले में पहुंचाए गए हैं तो उनकी बरामदगी के लिए स्थानीय स्तर पर भी कार्रवाई करनी होगी। इसी वजह से पुलिस टीम के प्रतापगढ़ जाने की संभावना जताई जा रही है।
ट्रस्टियों को फिर SIT ने बुलाया
इधर, मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी अपनी जांच को लगातार आगे बढ़ा रही है। शुक्रवार को ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया। दोनों से बैंक खातों का विवरण, मंदिर कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड लेकर आने को कहा गया है। इससे पहले गुरुवार को भी दोनों से करीब पांच घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ हुई थी। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्डिंग और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सिस्टम किस तरह काम करता था और कहीं प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई।
आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी
जांच के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा से जुड़े निर्माणों की जांच शुरू कर दी है। लवकुश मिश्रा की पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम नोटिस जारी किया गया है और अवैध निर्माण पाए जाने की स्थिति में बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि सुप्रिया मिश्रा का कहना है कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। उनका दावा है कि मकान का नक्शा विधिवत स्वीकृत है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता उनके पति की सुरक्षित वापसी है और वह भगवान से यही प्रार्थना कर रही हैं कि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचे।
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