राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच RSS की एंट्री! चीफ मोहन भागवत तक पहुंची रिपोर्ट, 6 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट में हो सकते हैं बड़े बदलाव

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। RSS प्रमुख मोहन भागवत को सौंपी गई रिपोर्ट में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं और चढ़ावे से जुड़े मुद्दों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की अहम बैठक में क्या बड़े बदलाव होंगे? क्या नए संतों की होगी एंट्री और किन पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं?

Jul 1, 2026 - 12:05
 0
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच RSS की एंट्री! चीफ मोहन भागवत तक पहुंची रिपोर्ट, 6 जुलाई की बैठक में ट्रस्ट में हो सकते हैं बड़े बदलाव

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद ने अब एक नया और अहम मोड़ ले लिया है। मामला केवल मंदिर की व्यवस्था या दान प्रबंधन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, संघ प्रमुख मोहन भागवत को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी गई है, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, मंदिर की व्यवस्थाओं और चढ़ावे से जुड़े विवाद का पूरा आकलन किया गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में ट्रस्ट की संरचना और जिम्मेदारियों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

तीन दिन अयोध्या में रहे संघ के क्षेत्र प्रचारक
सूत्रों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार ने संघ प्रमुख के निर्देश पर अयोध्या में तीन दिन तक प्रवास किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं, ट्रस्ट के कामकाज और दान प्रबंधन से जुड़े कई पहलुओं का गहराई से अध्ययन किया। इसके बाद तैयार की गई रिपोर्ट सीधे मोहन भागवत को सौंप दी गई। रिपोर्ट में उन बिंदुओं का भी उल्लेख किया गया है, जिन पर भविष्य में सुधार की आवश्यकता महसूस की गई। अब सबकी नजर 6 जुलाई को होने वाली श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक पर टिकी है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में कई अहम फैसलों की नींव रखी जा सकती है।

चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर मंथन
दान और चढ़ावे को लेकर उठे सवालों के बाद संघ के भीतर भी इस बात पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है कि मंदिर जैसी राष्ट्रीय आस्था से जुड़े संस्थान की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे। सूत्र बताते हैं कि ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की जा रही है। चर्चा इस बात की भी है कि कुछ लोगों के अधिकार सीमित किए जा सकते हैं, जबकि कुछ नई जिम्मेदारियां तय की जा सकती हैं। हाल ही में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे के बाद अब गोपाल राव की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्या बदल जाएगा राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप?
सूत्रों का दावा है कि 15 सदस्यीय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की रूपरेखा पर भी विचार शुरू हो चुका है। इस बार फोकस केवल प्रशासनिक बदलाव पर नहीं, बल्कि संत समाज की भागीदारी को और मजबूत बनाने पर भी है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट में ऐसे संतों को शामिल करने पर चर्चा हो रही है जिनकी धार्मिक प्रतिष्ठा के साथ-साथ संगठनात्मक अनुभव भी मजबूत हो। संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े पश्चिम भारत, विशेषकर नासिक क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित धर्माचार्य का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। इसके अलावा अयोध्या के किसी प्रमुख संत को ट्रस्ट में शामिल करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

अयोध्या से इन दो संतों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
अगर अयोध्या के संत समाज की बात करें तो दो नाम सबसे अधिक सामने आ रहे हैं।

  • पहला नाम जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर का है। उन्हें देश के प्रमुख वैदिक विद्वानों में गिना जाता है और रामानुज परंपरा में उनका विशेष सम्मान है। संत समाज के बीच उनकी स्वीकार्यता भी काफी व्यापक मानी जाती है। 
  • दूसरा नाम श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास महाराज का है। मणिराम दास छावनी से जुड़े स्वामी राजकुमार दास को संत समाज में शांत, संयमित और विवादों से दूर रहने वाले संत के रूप में देखा जाता है। संगठन के साथ उनके बेहतर संबंध भी उनकी दावेदारी को मजबूत बनाते हैं।

कृष्णमोहन की बढ़ सकती है जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट सदस्य कृष्णमोहन की भूमिका भी आने वाले समय में बढ़ सकती है। चर्चा है कि उन्हें मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो राम मंदिर के दैनिक संचालन और प्रबंधन में उनकी भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। हालांकि अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

संत समाज में कौन कितना सक्रिय?
वर्तमान में ट्रस्ट में संत समाज के छह प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं, लेकिन सक्रिय प्रशासनिक जिम्मेदारियां कुछ चुनिंदा सदस्यों तक ही सीमित दिखाई देती हैं। ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास लंबे समय से स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय नहीं हैं। वहीं कुछ अन्य संत सदस्य भी नियमित प्रशासनिक बैठकों और फैसलों में सीमित भूमिका निभाते हैं। दूसरी ओर, कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि और स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ मंदिर की व्यवस्थाओं, बैठकों और धार्मिक आयोजनों में लगातार सक्रिय नजर आते रहे हैं।

वित्तीय व्यवस्था भी समीक्षा के दायरे में 
चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का दान आता है। ऐसे में कई जानकारों का मानना है कि वित्तीय निगरानी और प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, इसी वजह से कोषाध्यक्ष की भूमिका और वित्तीय व्यवस्था की समीक्षा पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट ने अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

6 जुलाई की बैठक पर पूरे देश की नजर
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 6 जुलाई को होने वाली बैठक अब केवल एक नियमित बैठक नहीं मानी जा रही। माना जा रहा है कि यह बैठक मंदिर के भविष्य के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा दे सकती है। बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की समीक्षा, जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण, नए सदस्यों के नामों पर चर्चा और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर नई रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हाल के विवादों के बाद यह बैठक कई मायनों में निर्णायक साबित हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के सामने आने के बाद मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इसी के बाद संघ स्तर पर पूरे मामले की समीक्षा शुरू हुई। अब रिपोर्ट संघ प्रमुख तक पहुंचने और 6 जुलाई की बैठक से पहले ट्रस्ट में संभावित बदलावों की चर्चाओं ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि, रिपोर्ट की आधिकारिक जानकारी और ट्रस्ट में प्रस्तावित बदलावों की औपचारिक पुष्टि अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए अंतिम तस्वीर 6 जुलाई की बैठक के बाद ही साफ हो सकेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
Sushant Pratap Singh Sushant Pratap Singh is an Indian content creator, video producer, and media professional known for creating political explainer videos, digital journalism content, and social media campaigns. He has worked with UP News Network and specializes in video production, content writing, and social media management. Sushant Pratap Singh began his media career as a content creator and video producer associated with UP News Network. During his professional journey, he worked on political and social explainer content, digital journalism, and social media engagement. He has experience in producing and editing news videos, writing articles for digital platforms, and managing online audience engagement through social media strategies. His work also includes anchoring, on-camera presentation, and graphic design for digital media content. Skills-: Content Writing and Article Writing | Social Media Management | Anchoring and Presentation | Video Editing using Adobe Premiere Pro | Video Production | Graphic Design using Canva | Political and Social Explainer Content