प्रतापगढ़ में पुलिस ने रोकी अर्टिगा, फिर जो मिला उसने सबको चौंकाया, जानिए नशे के कारोबार का कैसे हुआ सफाया...
प्रतापगढ़ पुलिस ने 1 करोड़ रुपये कीमत की MD ड्रग्स के साथ 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पुराने ड्रग्स नेटवर्क और दूसरे राज्यों तक फैले कनेक्शन के संकेत मिले हैं। आखिर कैसे चल रहा था यह कारोबार और कौन हैं इसके पीछे के चेहरे? जानिए पूरा मामला...
प्रतापगढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कथित तौर पर लंबे समय से एमडी ड्रग्स की तस्करी में सक्रिय था। संयुक्त अभियान में पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये कीमत की नशीली दवा बरामद की है। इस कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों की तलाश जारी है।
मुखबिर की सूचना से शुरू हुआ ऑपरेशन
पुलिस को सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थों की बड़ी खेप इलाके से होकर गुजरने वाली है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए आसपुर देवसरा थाना पुलिस और स्पेशल टीम ने सैफाबाद-मौरैनी मार्ग पर चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस की नजर एक अर्टिगा कार और बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर पड़ी। वाहनों की तलाशी लेने पर पुलिस को 202.31 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामदगी के बाद मौके पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पांच आरोपी गिरफ्तार, कई खुलासे
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सूरज दुबे, आनंद मिश्रा, दिव्यांशू दुबे, आलोक शुक्ला और मंजित मिश्रा को गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस नशीले पदार्थ को बिक्री के लिए ले जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आनंद मिश्रा और मंजित मिश्रा अपने कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स के कारोबार को संचालित कर रहे थे। पूछताछ में कुशु मिश्रा और छोटू मिश्रा के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुशु मिश्रा का भाई लवी मिश्रा पहले भी एमडी ड्रग्स के बड़े नेटवर्क से जुड़े मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसे हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जेल भेजा था। ऐसे में जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।
वाहन सीज, आरोपियों को भेजा गया जेल
पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ को कब्जे में लेने के साथ ही अर्टिगा कार और मोटरसाइकिल को भी सीज कर दिया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ एक खेप की बरामदगी नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की कड़ी हो सकती है। इसलिए फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशीले पदार्थ की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसे किन इलाकों में पहुंचाया जाना था। आने वाले दिनों में जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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