'स्कूल की तुलना कुकुरमुत्ते से...' चौपाल में अधिकारी के बयान पर गरमाया माहौल, प्रतापगढ़ में BDO ने मांगी ग्रामीणों से माफी
प्रतापगढ़ की एक सरकारी चौपाल में अधिकारी ने अपनी बात रखते हुए प्राथमिक विद्यालयों की तुलना कुकुरमुत्ता से कर दी। जिसके बाद बयान सुनते ही ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया और मंच पर ही जवाब मांग लिया। विवाद बढ़ने पर प्रशासन को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी, लेकिन अब इस बयान को लेकर अधिकारी की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रतापगढ़ जिले के गौरा विकास खंड के पूरेबदल गांव में आयोजित रात्रि चौपाल उस समय विवाद का केंद्र बन गई, जब बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) शाहिना महमूद ने विभागीय उपलब्धियां गिनाते हुए प्राथमिक विद्यालयों को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिस पर ग्रामीणों ने कड़ा ऐतराज जताया। कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल सवाल-जवाब और विरोध में बदल गया।
कुकुरमुत्ता वाले बयान पर भड़के ग्रामीण
कार्यक्रम के दौरान सीडीपीओ शाहिना महमूद ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र तब से चल रहे हैं, जब जगह-जगह कुकुरमुत्ता की तरह प्राथमिक विद्यालय नहीं हुआ करते थे। यह टिप्पणी सामने आते ही चौपाल में मौजूद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि प्राथमिक विद्यालय शिक्षा और संस्कार का केंद्र हैं, उनकी तुलना इस तरह करना न केवल अनुचित है बल्कि शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूरे शिक्षा तंत्र का अपमान भी है।
मंच से ही ग्रामीणों ने किया विरोध
स्थानीय निवासी प्रथमेश तिवारी ने मौके पर ही अधिकारी के बयान का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयान समाज में गलत संदेश देते हैं। देखते ही देखते कई अन्य ग्रामीण भी उनके समर्थन में खड़े हो गए और चौपाल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
BDO ने मांगी सार्वजनिक माफी
विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) धर्मेंद्र सिंह ने स्थिति संभाली। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि किसी की भावना आहत करना प्रशासन का उद्देश्य नहीं है। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और कार्यक्रम आगे बढ़ सका।
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