वेतन बढ़ाने की मांग पर भड़के मजदूर, पुलिस से भिड़ंत… गाड़ियां फूंकी, आंसू गैस से काबू
Uttar Pradesh News: नोएडा के फेस-2 में मजदूरों का वेतन बढ़ाने को लेकर प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस और मजदूरों के बीच झड़प, पथराव और आगजनी हुई। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। मजदूर न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये और बेहतर काम की शर्तें मांग रहे हैं।
Noida News: नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा मजदूरों का आंदोलन अब हिंसक रूप लेता दिख रहा है। सोमवार सुबह ग्रेटर नोएडा के फेस-2 स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स के डी ब्लॉक में मजदूरों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। गुस्साए मजदूरों ने पुलिस वैन में तोड़फोड़ की और कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मौके पर भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है, जिससे स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रित की जा रही है।
पथराव और आगजनी से बिगड़े हालात
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने पुलिस पर पथराव किया और कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया। एक वाहन को पलट भी दिया गया। कुछ जगहों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ते गए।
गुरुग्राम से शुरू होकर नोएडा पहुंचा आंदोलन
यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से जारी है और इसकी शुरुआत गुरुग्राम से हुई थी। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, जहां मजदूर वेतन बढ़ाने और बेहतर कामकाजी हालात की मांग कर रहे थे। लेकिन फेस-2 में बड़ी संख्या में मजदूरों के जुटने और सड़क जाम करने से स्थिति बिगड़ गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने उग्र रुख अपनाया और हिंसा शुरू हो गई।
सैकड़ों कंपनियों के कर्मचारी शामिल
फेस-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स और ईकोटेक थर्ड के औद्योगिक क्षेत्र में 100-100 से ज्यादा कंपनियां हैं। इन दोनों इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूर इस आंदोलन में शामिल हुए। कुल मिलाकर 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी रूप में इस प्रदर्शन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
क्या हैं मजदूरों की मुख्य मांगें
मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह किया जाए। इसके साथ ही ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले, काम के घंटे तय हों और हर सप्ताह एक दिन की छुट्टी दी जाए। वे चाहते हैं कि वेतन समय पर बैंक खाते में आए और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन हो।
कम वेतन और ज्यादा काम से बढ़ा गुस्सा
मजदूरों का आरोप है कि उन्हें रोज 500 से 700 रुपये तक ही मजदूरी मिलती है, जबकि काम 10-12 घंटे कराया जाता है। ओवरटाइम का सही भुगतान नहीं मिलता और छुट्टी व बोनस जैसी सुविधाएं भी नहीं दी जातीं। बढ़ती महंगाई के बीच यह स्थिति उनके लिए मुश्किल बन गई है, जिससे उनका गुस्सा बढ़ता गया।
पुलिस कार्रवाई और ट्रैफिक पर असर
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया और कई जगह रूट डायवर्जन लागू किया। इससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई। पुलिस और मजदूर आमने-सामने आ गए, जिससे तनाव और बढ़ गया।
जिलाधिकारी की अपील और प्रशासन के कदम
गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि उद्योग प्रतिनिधियों और मजदूरों के साथ बैठक में ओवरटाइम का दोगुना भुगतान और समय पर वेतन देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां मजदूर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बड़ा मुद्दा बनता जा रहा आंदोलन
नोएडा का यह प्रदर्शन अब सिर्फ वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह श्रमिक अधिकारों और बेहतर कामकाजी हालात की बड़ी लड़ाई बन चुका है। प्रशासन और कंपनियों के सामने अब चुनौती है कि जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
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