नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सस्ती फ्लाइट की उम्मीद को झटका, दिल्ली जितना या उससे ज्यादा हो सकता है किराया
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सस्ती उड़ानें मिलने की संभावना कम है क्योंकि हवाई अड्डे के उच्च शुल्क और फीस के कारण टिकट की कीमतें दिल्ली हवाई अड्डे के बराबर या उससे अधिक हो सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से जल्द कमर्शियल उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। माना जा रहा था कि यहां से यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा का फायदा मिलेगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश में एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स काफी कम है। लेकिन अब सामने आ रही जानकारी से यात्रियों को बड़ा झटका लग सकता है। एयरलाइंस और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर लगाए गए ज्यादा चार्ज और फीस के कारण यहां से फ्लाइट टिकट का किराया इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के बराबर या उससे भी ज्यादा हो सकता है। अगले महीने से उड़ानें शुरू होने से पहले ही इस मुद्दे पर विवाद बढ़ता जा रहा है।
कम टैक्स का फायदा यात्रियों तक नहीं पहुंच रहा
उत्तर प्रदेश में एविएशन फ्यूल पर सिर्फ 1 प्रतिशत VAT लगाया जाता है, जबकि दिल्ली में यह करीब 25 प्रतिशत है। इसी वजह से उम्मीद थी कि नोएडा एयरपोर्ट से फ्लाइट टिकट काफी सस्ते होंगे। लेकिन एयरपोर्ट पर पैसेंजर यूजर चार्ज और एरोनॉटिकल फीस ज्यादा होने से यह फायदा लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है। इसका असर टिकट की शुरुआती कीमतों में भी दिखने लगा है। IndiGo ने नोएडा एयरपोर्ट से अपनी पहली उड़ानों का ऐलान किया है। 24 जून की फ्लाइट्स के लिए दिल्ली और नोएडा दोनों एयरपोर्ट से लगभग समान किराया रखा गया है। बेंगलुरु के लिए करीब 8,910 रुपये, हैदराबाद के लिए 6,129 रुपये, जम्मू के लिए 6,999 रुपये और अमृतसर के लिए 3,499 रुपये किराया तय किया गया है।
IndiGo ने टैरिफ स्ट्रक्चर पर जताई आपत्ति
IndiGo ने एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी के सामने औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। एयरलाइन का कहना है कि ज्यादा चार्ज की वजह से नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करना यात्रियों के लिए महंगा पड़ सकता है। एयरलाइन के मुताबिक बड़े विमानों जैसे Airbus A320 और Boeing 737 के लिए लैंडिंग चार्ज दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में घरेलू उड़ानों पर 119 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 53 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा घरेलू यात्रियों पर लगने वाली यूजर डेवलपमेंट फीस भी चार गुना तक ज्यादा बताई गई है।
एयरपोर्ट संचालक ने दिया जवाब
एयरपोर्ट संचालक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी टैरिफ दरें देश के दूसरे नए एयरपोर्ट्स के बराबर हैं। कंपनी के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण पर करीब 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं और लंबी अवधि में निवेश की वसूली को ध्यान में रखकर शुल्क तय किए गए हैं।
राजनीति में भी गूंजा मामला
यह मामला अब राजनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। जेवर क्षेत्र के बीजेपी विधायक ने टिकट कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। फिलहाल यात्रियों को केवल लोकेशन की सुविधा मिलती दिख रही है, लेकिन किराए में कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है।
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