Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत रखने वाले जरूर पढ़ें ये 5 बातें, नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान

Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी 2026 का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। जानिए इस दिन किन 5 बड़ी गलतियों से बचना चाहिए, व्रत के नियम क्या हैं, भगवान विष्णु की पूजा का महत्व और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का विशेष महत्व।

Jun 4, 2026 - 12:32
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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी व्रत रखने वाले जरूर पढ़ें ये 5 बातें, नहीं तो हो सकता है भारी नुकसान

हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सबसे अधिक पुण्य देने वाले व्रतों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से व्रत रखते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा और दान का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि इस व्रत को नियमों के साथ करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि इस दिन कुछ ऐसी गलतियां भी बताई गई हैं, जिनसे बचना बेहद जरूरी माना जाता है। मान्यता है कि अनजाने में हुई छोटी सी चूक भी व्रत के पुण्य को प्रभावित कर सकती है।

जल ग्रहण करने से बचने का नियम
निर्जला एकादशी का सबसे महत्वपूर्ण नियम जल का त्याग माना जाता है। इस व्रत में श्रद्धालु पूरे दिन और रात बिना पानी पिए भगवान विष्णु की भक्ति करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मुंह साफ करने के लिए कुल्ला किया जा सकता है, लेकिन कुल्ले का पानी निगलना नहीं चाहिए। यही कारण है कि इस व्रत को सबसे कठिन व्रतों में गिना जाता है।

चावल और अन्न का सेवन वर्जित
एकादशी तिथि पर अन्न का सेवन नहीं किया जाता। विशेष रूप से चावल खाने की मनाही बताई गई है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। इसलिए इस दिन चावल और अन्य अन्न से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

तुलसी के पत्ते न तोड़ें
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं माना जाता। यदि पूजा के लिए तुलसी दल की आवश्यकता हो तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता विश्राम करती हैं।

तामसिक भोजन और बुरी आदतों से रहें दूर
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी केवल उपवास का नहीं बल्कि मन और शरीर की शुद्धि का भी पर्व है। इसलिए इस दिन लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

क्रोध, झूठ और विवाद से बचें
एकादशी का व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि व्यवहार में संयम रखने का संदेश भी देता है। इस दिन झूठ बोलना, किसी का अपमान करना, क्रोध करना या विवाद में पड़ना अशुभ माना जाता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए मन में शांति, दया और सकारात्मक विचार रखना जरूरी बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत काल में पांडवों में से भीमसेन ने महर्षि वेदव्यास के कहने पर यह व्रत रखा था। तभी से निर्जला एकादशी का महत्व और अधिक बढ़ गया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि विधि-विधान से व्रत करने पर जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का आगमन होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल: क्या निर्जला एकादशी में पानी पी सकते हैं?
जवाब: धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत में जल का त्याग किया जाता है। हालांकि स्वास्थ्य के अनुसार लोग निर्णय ले सकते हैं।

सवाल: एकादशी पर चावल खाना क्यों वर्जित माना जाता है?
जवाब: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।

सवाल: निर्जला एकादशी पर किसकी पूजा की जाती है?
जवाब: इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।