मुरादाबाद को मिली 388 करोड़ की सौगात, बनेगी हाईटेक नई जेल… शहर के बीचों-बीच बनी पुरानी जेल से मिलेगी राहत
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद में 388 करोड़ रुपये की लागत से नई हाईटेक जेल निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी है। सिरसखेड़ा में बनने वाली 2000 बंदियों की क्षमता वाली इस जेल से पुरानी जेल पर दबाव कम होगा और शहर को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
Moradabad News: मुरादाबाद जिले में लंबे समय से प्रतीक्षित नई जेल के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को वित्तीय मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद जिले में एक आधुनिक और हाईटेक जेल के निर्माण की तैयारी तेज हो जाएगी। खास बात यह है कि पहले इस जेल को 3000 बंदियों की क्षमता के साथ बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में संभल जिले के लिए अलग जेल बनाए जाने की योजना सामने आने के बाद प्रस्ताव में बदलाव किया गया। अब मुरादाबाद में 2000 बंदियों की क्षमता वाली नई जेल बनाई जाएगी।
सिरसखेड़ा में बनेगी आधुनिक जेल
जानकारी के अनुसार, नई जेल का निर्माण भदासना हवाई अड्डे के पास सिरसखेड़ा गांव क्षेत्र में किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक भूमि का चयन और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। लगभग 97.15 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस विशाल कारागार परिसर पर करीब 388 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जेल आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं और हाईटेक सिस्टम से लैस होगी। बंदियों के लिए चार मंजिला बैरक और बहुमंजिला भवन बनाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सके।
पुरानी जेल पर बढ़ते दबाव का मिलेगा समाधान
वर्तमान में मुरादाबाद की पुरानी जेल मुख्य डाकघर के सामने स्थित है और वहां क्षमता से अधिक कैदी बंद हैं। इस स्थिति की एक बड़ी वजह संभल जिले के बंदियों का भी इसी जेल में रखा जाना है। अब संभल में 1000 बंदियों की क्षमता वाली अलग जेल बनाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए जमीन का बैनामा भी हो चुका है। इससे दोनों जिलों की जेल व्यवस्था अलग-अलग संचालित हो सकेगी और मुरादाबाद जेल पर बढ़ता दबाव कम होगा। इस पूरी परियोजना की निगरानी जेल अधीक्षक रिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में की जाएगी।
ट्रैफिक जाम से भी मिलेगी राहत
शहर के बीचों-बीच स्थित पुरानी जेल के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती है। कैदियों की पेशी और प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नई जेल शहर से बाहर सिरसखेड़ा में बनने के बाद इस समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, पूरी परियोजना को जमीन पर उतरने और निर्माण कार्य पूरा होने में करीब तीन वर्ष का समय लग सकता है। इसके बाद मुरादाबाद को एक आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित कारागार की सुविधा मिल जाएगी।
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