कौशांबी में “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम पर प्रेसवार्ता, महिलाओं के अधिकारों पर जोर
कौशांबी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व और भारत में 33% आरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला गया।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जिसमें महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। विकास भवन स्थित सरस हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस अधिनियम को देश की मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को समाज और राजनीति में बराबरी का स्थान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।
प्रेसवार्ता में विशेषज्ञों ने रखी अपनी बात
इस प्रेसवार्ता में डॉ. नीतू कनौजिया, अर्चना चौरसिया और ज्योति केसरवानी ने मीडिया से बातचीत की। डॉ. नीतू कनौजिया ने कहा कि संसद द्वारा पारित “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को नई पहचान देने वाला ऐतिहासिक फैसला है।
33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
डॉ. नीतू कनौजिया ने बताया कि Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक (2026) के रूप में इस अधिनियम को पेश किया। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही, परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
महिलाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर
वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सिर्फ प्रतिनिधित्व ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें नीति निर्माण और शासन में भागीदारी का अवसर भी देगा। इससे लोकतंत्र और मजबूत होगा और देश के विकास को नई दिशा मिलेगी।
सरकारी योजनाओं का भी किया गया जिक्र
प्रेसवार्ता के दौरान “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “उज्ज्वला योजना” जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और “नारी शक्ति वंदन” अधिनियम इन प्रयासों को और मजबूत करेगा।
अधिवक्ताओं ने किया समर्थन
अर्चना चौरसिया और ज्योति केसरवानी ने इस अधिनियम का समर्थन करते हुए कहा कि इससे लाखों महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। यह कानून सामाजिक न्याय और समान अवसर को बढ़ावा देगा।
नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
अंत में डॉ. नीतू कनौजिया ने देश की सभी महिलाओं को इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि यह अधिनियम “नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारी सशक्तिकरण” का प्रतीक है, जो देश में एक नए युग की शुरुआत करेगा।
(रिपोर्टः राम किशन, कौशांबी)
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