दो बच्चों के लापता होने से गांव में मचा हड़कंप, कासगंज पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान चला लौटाई परिवारों की मुस्कान
कासगंज के एक गांव में दो 14 वर्षीय बच्चों के अचानक लापता होने से परिवारों में हड़कंप मच गया। मोबाइल फोन बंद होने से हर गुजरते घंटे के साथ चिंता बढ़ती गई। परिजन किसी अनहोनी की आशंका से परेशान थे, लेकिन इसी बीच पुलिस ने सीसीटीवी, सर्विलांस और तकनीकी जांच के दम पर ऐसा ऑपरेशन चलाया, जिसने कुछ ही घंटों में दो परिवारों की बेचैनी को राहत में बदल दिया। आखिर बच्चों तक पहुंचने में कौन-सा सुराग सबसे अहम साबित हुआ।
कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब ग्राम बढ़ोला के दो परिवारों को पता चला कि उनके 14 वर्षीय बच्चे रात में बिना बताए घर से कहीं चले गए हैं। बच्चों के मोबाइल फोन भी बंद आ रहे थे, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई। परिवार के लोगों ने पहले अपने स्तर पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस से मदद मांगी। सुबह करीब 10 बजे जगदीश और अमर सिंह ने सिकंदरपुर वैश्य थाने पहुंचकर अपने बच्चों के गायब होने की जानकारी दी। मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल खोजबीन शुरू कर दी। स्थानीय पुलिस ने परिजनों से विस्तृत जानकारी जुटाई और पूरे घटनाक्रम से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया।
एसपी ने बनाई विशेष टीम
बच्चों के गुम होने की सूचना मिलते ही कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि बच्चों को जल्द ढूंढ लिया जाएगा। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पटियाली अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम को बच्चों की तलाश के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए गए। पुलिस टीम ने बच्चों की तलाश के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और लोकेशन की जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण और लगातार फील्ड वर्क के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिन्होंने बच्चों तक पहुंचने का रास्ता आसान कर दिया।
पटियाली क्षेत्र से दोनों बच्चे सकुशल मिले
कई घंटों की तलाश के बाद पुलिस टीम ने दोनों नाबालिग बच्चों को पटियाली क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, उनके चेहरों पर राहत लौट आई। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दोनों बच्चों को उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने पुलिस का आभार जताया। परिवार के लोगों का कहना है कि जिस तेजी से पुलिस ने कार्रवाई की, उससे उन्हें उम्मीद बंधी और आखिरकार उनके बच्चे सुरक्षित वापस मिल गए।
ऑपरेशन मुस्कान ने फिर साबित की अपनी उपयोगिता
इस पूरे अभियान को ऑपरेशन मुस्कान के तहत अंजाम दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और किशोरों के गुम होने के मामलों में त्वरित कार्रवाई सबसे अहम होती है। इस सफलता ने एक बार फिर दिखाया है कि तकनीकी जांच और फील्ड टीम के बेहतर समन्वय से ऐसे मामलों का जल्द समाधान संभव है। दोनों बच्चों की बरामदगी में सिकंदरपुर वैश्य थानाध्यक्ष चंचल सिरोही, उपनिरीक्षक संजय सिंह और रिक्रूट कांस्टेबल आलोक कुमार की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है तथा परिजनों ने पूरी टीम का धन्यवाद किया है।
रिपोर्ट -: जुम्मन कुरैशी
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