ग्राम प्रधान चुनाव की दुश्मनी में गई 4 साल की मासूम की जान, पुलिस ने मास्टरमाइंड को दबोचा, 5 साल पुरानी रंजिश का हुआ खौफनाक अंत
कासगंज में 4 साल की मासूम बच्ची की हत्या का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे 2021 के ग्राम प्रधान चुनाव की पुरानी रंजिश थी। आखिर कैसे रची गई पूरी साजिश, किस वजह से मासूम बनी निशाना और अब पुलिस की जांच कहां तक पहुंची?
कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम बच्ची की हत्या का मामला पिछले कई दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ था। हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर एक छोटी बच्ची से किसी की क्या दुश्मनी हो सकती है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस हत्याकांड की परतें खुलती चली गईं। अब पुलिस ने दावा किया है कि इस हत्या के पीछे कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान चुनाव की पुरानी रंजिश थी। यह खुलासा सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
2021 के ग्राम प्रधान चुनाव से शुरू हुई थी रंजिश
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी कमलेश शाक्य, पुत्र बालजीत निवासी ग्राम बहारपुर, की पीड़ित परिवार से वर्ष 2021 के ग्राम प्रधान चुनाव के दौरान दुश्मनी हो गई थी। चुनाव खत्म होने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव बना रहा। समय के साथ यह रंजिश इतनी गहरी हो गई कि आरोपी ने बदला लेने के लिए ऐसा कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
दबदबा कायम रखने के लिए बनाई योजना
जांच में सामने आया कि कमलेश शाक्य गांव में अपना प्रभाव और दबदबा बनाए रखना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने अपने साथी अजय के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश तैयार की। योजना के तहत पहले चार वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण किया गया और बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। हालांकि पुलिस अभी उसके बयान और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है।
तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और क्षेत्राधिकारी पटियाली के नेतृत्व में कोतवाली गंजडुंडवारा पुलिस ने लगातार जांच की। तकनीकी साक्ष्य, स्थानीय जानकारी और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले सबूतों ने पूरी साजिश की पुष्टि कर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी कमलेश शाक्य को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, वारदात में शामिल दूसरा आरोपी अजय अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में कोतवाली गंजडुंडवारा में दर्ज मुकदमा संख्या 145/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 103(1), 238, 65(2), 66, 61(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि किसी भी आरोपी को कानून से बचने का मौका न मिले।
इन पुलिसकर्मियों ने किया हत्याकांड का खुलासा
इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली गंजडुंडवारा के प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, उपनिरीक्षक डिप्टी सिंह, पुत्तू सिंह, नरेन्द्रपाल सिंह, तेजवीर सिंह, हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार, कांस्टेबल धनंजय तथा रिक्रूट कांस्टेबल नितिन कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि लगातार प्रयास और सटीक जांच के कारण इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा संभव हो सका।
रिपोर्ट-: जुम्मन कुरैशी
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