घर पर बनाएं इमली की खट्टी-मीठी चटनी ‘सौंठ’, 15 दिन तक रहेगी फ्रेश और हर खाने का स्वाद कर देगी दोगुना
घर पर मीठी और खट्टी इमली की चटनी (सोंठ) बनाने की आसान विधि सीखें। इस स्वादिष्ट चटनी को कई दिनों तक स्टोर करके रखा जा सकता है और यह चाट, समोसा, पराठा और अन्य स्नैक्स के साथ बहुत अच्छी लगती है।
अगर आपको खाने के साथ चटनी पसंद है तो घर में इमली की खट्टी-मीठी चटनी यानी सौंठ बनाकर रखना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह चटनी बाजार में मिलने वाली टोमेटो सॉस से ज्यादा स्वादिष्ट और सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है। खासतौर पर दही वड़ा, कचौड़ी, समोसा, टिक्की चाट और पराठे के साथ इसका स्वाद बहुत अच्छा लगता है। उत्तर प्रदेश में इमली की इस चटनी को सौंठ कहा जाता है। अच्छी बात यह है कि इसे एक बार बनाकर करीब 15 दिनों तक आराम से खाया जा सकता है। जब सब्जी खाने का मन न हो या घर में पसंदीदा खाना न बना हो, तब सौंठ आपके खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है।
इमली की खट्टी-मीठी चटनी यानी सौंठ बनाने की शुरुआत
सौंठ बनाने के लिए सबसे पहले करीब 200 ग्राम इमली लें। इमली को सामान्य पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे लगभग 1 कप साफ गर्म पानी में भिगो दें। बेहतर होगा कि इमली को रातभर या कम से कम 4 से 5 घंटे के लिए पानी में रखा जाए। ऐसा करने से इमली का पल्प यानी गूदा निकालना बहुत आसान हो जाता है।
इमली का पल्प निकालने का तरीका
जब इमली अच्छी तरह भीग जाए तो उसे हाथों से मसलते हुए उसका गूदा निकाल लें। इसके बाद इस मिश्रण को एक छन्नी में डालकर छान लें ताकि साफ पल्प अलग हो जाए। जो गूदा बच जाए उसमें थोड़ा पानी डालकर दोबारा मसल लें और फिर से छान लें। इसके बाद जो ठोस हिस्सा बचता है उसे फेंक दिया जाता है या चाहें तो किसी सफाई के काम में इस्तेमाल कर सकते हैं।
सौंठ पकाने की प्रक्रिया
अब एक पैन लें और उसमें इमली का पल्प डालकर मध्यम आंच पर पकाना शुरू करें। जब इसमें एक उबाल आ जाए तो स्वाद के अनुसार गुड़ या चीनी डाल दें। इसके बाद इसमें काला नमक, सफेद नमक और 1 चम्मच सौंठ यानी सूखी अदरक का पाउडर डालें। साथ ही लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर डालकर मिश्रण को अच्छी तरह पकाते रहें।
सौंठ को गाढ़ा करने और मेवा डालने का तरीका
चटनी को लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक यह अच्छी तरह गाढ़ी न हो जाए। आप अपनी पसंद के अनुसार इसे ज्यादा या कम गाढ़ा रख सकते हैं। जब सौंठ तैयार हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें चिरौंजी और खरबूज के बीज डाले जा सकते हैं। उबलते समय बारीक कटे छुहारे, किशमिश और टुकड़ों में कटे काजू डालने से इसका स्वाद बिल्कुल बाजार जैसा हो जाता है।
चटनी को स्टोर करने और खाने का तरीका
इमली की सौंठ को स्टोर करने के लिए कांच के जार का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। अगर आप ज्यादा मात्रा में चटनी बनाते हैं तो इसे फ्रिज में रख सकते हैं। बिना फ्रिज के भी यह चटनी लगभग एक हफ्ते तक आसानी से खाई जा सकती है। इस चटनी का इस्तेमाल दही वड़ा, चाट, आलू टिक्की, समोसा, चीला और ब्रेड पकोड़ा के साथ किया जाता है। इसके अलावा रोटी, पराठे या चावल के साथ भी इसका स्वाद बहुत अच्छा लगता है। बच्चों को इसे फ्रेंच फ्राइज, नगेट्स और पराठे के साथ भी दिया जा सकता है।
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