घर से निकले थे गंगा स्नान के लिए, रास्ते में मिली मौत, जानिए कैसे गंगा स्नान की यात्रा बनी कई परिवारों के लिए मातम
गंगा स्नान के लिए घर से निकले श्रद्धालुओं ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि उनकी आस्था की यात्रा कुछ ही घंटों में दर्दनाक हादसे में बदल जाएगी। कासगंज में शनिवार सुबह दो रोडवेज बसों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए, जबकि 36 लोग घायल हो गए। हादसे की शुरुआती जांच में चालक को नींद का झोंका आने की बात सामने आ रही है। आखिर कैसे कुछ सेकंड की चूक ने खुशियों भरी यात्रा को मातम में बदल दिया, पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में शनिवार सुबह मथुरा-बरेली हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब राजस्थान के भरतपुर डिपो और उत्तर प्रदेश के एटा डिपो की रोडवेज बसें आमने-सामने टकरा गईं। हादसा सोरों कोतवाली क्षेत्र में कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बसों में बैठे यात्री अपनी सीटों से उछल पड़े और कुछ ही क्षणों में घटनास्थल चीख-पुकार से गूंज उठा।
गंगा स्नान के लिए निकले थे श्रद्धालु, रास्ते में खत्म हो गई जिंदगी
जानकारी के मुताबिक भरतपुर डिपो की बस में सवार अधिकांश यात्री तीर्थ नगरी सोरों में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही उनकी यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई। दुर्घटना में भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र निवासी 80 वर्षीय गिराज पुत्र रामलाल और सेवा कुरवारियां निवासी प्रीतम पुत्र प्यारे लाल की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों परिवारों तक जब हादसे की सूचना पहुंची तो घरों में कोहराम मच गया।
36 यात्री घायल, कई की हालत गंभीर
हादसे में सपना, गीता, भजनलाल, प्रेमवती और चंद्रकला समेत कुल 36 यात्री घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बसों से बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची तथा सभी घायलों को सोरों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कई यात्रियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक देखते हुए कुछ को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए भेज दिया गया।
अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी बातचीत की और हरसंभव प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया।
नींद का झोंका बना हादसे की वजह?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि भरतपुर डिपो के चालक को संभवतः नींद का झोंका आने के कारण बस अनियंत्रित हो गई, जिसके बाद यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की विस्तृत जांच कर रही है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
दो परिवारों में पसरा मातम, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, गंगा स्नान के लिए निकले श्रद्धालुओं की इस दर्दनाक यात्रा ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लंबी दूरी के वाहन चालकों की कार्य परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ सेकंड की चूक ने दो जिंदगियां छीन लीं और दर्जनों परिवारों को चिंता और दर्द के बीच छोड़ दिया।
रिपोर्ट -: जुम्मन कुरैशी
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