गार्ड की नौकरी का सपना दिखाया, युद्ध के मैदान में पहुंचा दिया... 2 साल बाद कंकाल बनकर घर लौटा यूपी का बेटा

Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मऊ के दो युवकों के अवशेष दो साल बाद उनके घर पहुंचे हैं। परिजनों का आरोप है कि नौकरी का झांसा देकर उन्हें रूस भेजा गया और बाद में युद्ध क्षेत्र में पहुंचा दिया गया। डीएनए जांच से उनकी पहचान हुई।

Jun 12, 2026 - 12:27
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गार्ड की नौकरी का सपना दिखाया, युद्ध के मैदान में पहुंचा दिया... 2 साल बाद कंकाल बनकर घर लौटा यूपी का बेटा

रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे उत्तर प्रदेश के युवाओं की दर्दनाक कहानी एक बार फिर सामने आई है। आजमगढ़ और मऊ जिले के कई युवक बेहतर रोजगार की उम्मीद लेकर वर्ष 2024 में रूस गए थे। उन्हें गार्ड और हेल्पर की नौकरी मिलने का भरोसा दिया गया था। लेकिन परिजनों का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए और युवकों को कथित तौर पर सेना की ट्रेनिंग देकर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। इसी दौरान दो युवकों की मौत हो गई। अब करीब दो साल बाद उनके अवशेष घर पहुंचने से परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना पूरे पूर्वांचल में चर्चा का विषय बनी हुई है और परिजन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

डीएनए जांच के बाद हुई पहचान
गुरुवार को आजमगढ़ शहर के गुलामी का पूरा निवासी अजहरुद्दीन और मऊ जिले के निवासी रामचंद्र के अवशेष उनके परिवारों को सौंपे गए। दोनों लंबे समय से लापता थे। रूस में बड़ी संख्या में युद्ध में मारे गए लोगों के शव होने के कारण पहचान करना आसान नहीं था। ऐसे में डीएनए जांच कराई गई। डीएनए मिलान के बाद दोनों की पहचान सुनिश्चित हुई और फिर उनके अवशेष भारत भेजे गए।

नौकरी का लालच देकर रूस भेजने का आरोप
परिजनों का कहना है कि जनवरी 2024 में आजमगढ़ और मऊ के कई युवक रोजगार की तलाश में एजेंटों के संपर्क में आए थे। आरोप है कि मऊ के एक एजेंट ने उन्हें गार्ड और हेल्पर की नौकरी का लालच देकर रूस भेजा। वहां पहुंचने के बाद उन्हें कथित रूप से युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। इस दौरान कुछ युवक घायल हुए, कुछ वापस लौट आए, जबकि कई लोगों का लंबे समय तक कोई पता नहीं चला।

भाई की तलाश में छोड़ दी विदेश की नौकरी
अजहरुद्दीन 27 जनवरी 2024 को रूस गया था। उसके लापता होने के बाद परिवार लगातार उसकी तलाश करता रहा। मृतक के भाई अजीमुद्दीन ने बताया कि उन्होंने अपने भाई को खोजने के लिए सऊदी अरब की नौकरी तक छोड़ दी। वह भारत और रूस से जुड़े विभिन्न सरकारी कार्यालयों तथा दूतावासों के चक्कर लगाते रहे। लंबे प्रयास और सरकारी सहयोग के बाद आखिरकार अजहरुद्दीन के अवशेष भारत लाए जा सके।

कार्रवाई और मुआवजे की मांग
परिजनों का कहना है कि यह बड़े स्तर की धोखाधड़ी का मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतकों के बकाया वेतन व अन्य वित्तीय दावों का भुगतान कराने की मांग की है। जिला प्रशासन ने वाराणसी एयरपोर्ट से अवशेष लाकर परिवारों को सौंपने की व्यवस्था की। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं। दो साल बाद अपनों के अवशेष मिलने से परिवारों की आंखें नम हो गईं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

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Ashwani Tiwari अश्वनी तिवारी भारतीय पत्रकार, कंटेंट राइटर, एंकर और मीडिया प्रोफेशनल हैं। वे डिजिटल पत्रकारिता, ग्राउंड रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और न्यूज़ प्रोडक्शन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने Zee News, Suman TV और UP News Network जैसे मीडिया संस्थानों के साथ कार्य किया है। वे राजनीतिक, सामाजिक और समसामयिक विषयों पर आधारित डिजिटल कंटेंट और ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा अश्वनी तिवारी का जन्म 4 फरवरी 1997 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज, भेलूपुर, वाराणसी से प्राप्त की। हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाएं उन्होंने प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं। इसके बाद उन्होंने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक (B.A.) की डिग्री प्राप्त की तथा आगे चलकर मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की पढ़ाई पूरी की। अश्वनी तिवारी ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत कंटेंट राइटिंग और डिजिटल मीडिया से की। उन्होंने 10 दिसंबर 2023 से 15 मार्च 2024 तक India Watch, लखनऊ में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल मीडिया कंटेंट पर कार्य किया। इसके बाद उन्होंने 7 मई 2024 से 9 जुलाई 2024 तक Zee News, नोएडा में कंटेंट राइटर के रूप में इंटर्नशिप की। इस दौरान वे न्यूज़ स्क्रिप्ट, डिजिटल कंटेंट और मीडिया रिसर्च से जुड़े रहे। अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2025 तक उन्होंने Suman TV, हैदराबाद में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। यहां उन्होंने राजनीतिक और सामाजिक विषयों पर आधारित समाचार एवं डिजिटल कंटेंट तैयार किए। वर्तमान में UP News Network से सब एडिटर के रूप में जुड़े, जहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग का कार्य किया। इस दौरान वे ‘खरी खोटी’ नामक विशेष शो का भी हिस्सा रहे। उन्होंने कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग तथा वीडियो प्रस्तुति की। वर्तमान में अश्वनी तिवारी मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। अश्वनी तिवारी डिजिटल पत्रकारिता और न्यूज़ प्रोडक्शन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उनकी विशेषज्ञता कंटेंट राइटिंग, एंकरिंग, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया आधारित न्यूज़ प्रस्तुति में मानी जाती है।