11 हजार की मजदूरी के लिए खा रहे दर-दर की ठोकरें, भुगतान मांगने पर दी गई जातिसूचक गाली और धमकी, राजगीर ने लगाए आरोप

अमेठी की एक ग्राम पंचायत में सरकारी निर्माण कार्य करने वाले राजगीर का आरोप है कि दो महीने की मजदूरी आज तक नहीं मिली। जब उसने अपने हक की मांग की तो उसे अपमानित किया गया। अब मामला अधिकारियों तक पहुंच गया है और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिया है।

Jun 13, 2026 - 16:04
Jun 13, 2026 - 16:08
 0
11 हजार की मजदूरी के लिए खा रहे दर-दर की ठोकरें, भुगतान मांगने पर दी गई जातिसूचक गाली और धमकी, राजगीर ने लगाए आरोप

अमेठी के विकास खण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत दरखा में बन रहे अन्नपूर्णा घर और राशन वितरण केंद्र के निर्माण कार्य को लेकर नया विवाद सामने आया है। गांव के रहने वाले राजगीर बाबूराम कोरी ने आरोप लगाया है कि सरकारी निर्माण कार्य में उनसे और उनके साथ काम करने वाले मजदूरों से कई दिनों तक काम कराया गया, लेकिन जब मजदूरी देने की बारी आई तो काम किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया और उनका भुगतान रोक दिया गया।

'दो महीने से नहीं मिली मेहनत की कमाई'
बाबूराम कोरी ने खण्ड विकास अधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में कहा है कि उन्होंने गांव के अन्य मजदूरों के साथ मिलकर निर्माण कार्य में श्रम लगाया था। उनके अनुसार करीब 60 मानव दिवस की मजदूरी का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। उनका दावा है कि लगभग 11 हजार 600 रुपये की राशि बकाया है, जिसे पाने के लिए वह लगातार अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के चक्कर काट रहे हैं।

हक मांगने पर अपमानित करने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी मजदूरी की मांग की तो उसे भुगतान देने के बजाय अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ा। शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव अखिलेश तिवारी, ग्राम प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने, धमकाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है। बाबूराम का कहना है कि मजदूर सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई मांग रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है।

मजदूरी रुकी तो बढ़ी आर्थिक परेशानी
बाबूराम कोरी का कहना है कि मजदूरी नहीं मिलने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। रोज कमाने और खाने वाले मजदूरों के लिए कई सप्ताह तक भुगतान न मिलना बड़ी समस्या बन जाता है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उम्मीद थी कि सरकारी निर्माण कार्य में उन्हें समय पर भुगतान मिलेगा, लेकिन अब उन्हें अपने ही मेहनताना के लिए अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हैं।

बीडीओ से लगाई न्याय की गुहार
मामले से परेशान बाबूराम ने खण्ड विकास अधिकारी अमेठी को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से बकाया मजदूरी दिलाने के साथ-साथ आरोपित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मामला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और मामले का जल्द निस्तारण कराया जाएगा। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद मजदूरों को उनका बकाया भुगतान मिलता है या नहीं और लगाए गए आरोपों में क्या तथ्य सामने आते हैं।

रिपोर्ट -: बृजेश मिश्रा 

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0