'अगली सरकार वही, जो गौमाता को दे सम्मान', गौ रक्षा को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा ऐलान, गाजियाबाद से बागपत तक उमड़ा जनसैलाब
गाजियाबाद से बागपत तक बुधवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गविष्ठि यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं रही, बल्कि गौ रक्षा को लेकर बड़ा जनसंदेश और राजनीतिक संकेत भी छोड़ गई। रास्ते भर हजारों श्रद्धालुओं का स्वागत, नेताओं की मौजूदगी और राम मंदिर ट्रस्ट पर दिए गए बयान ने इस यात्रा को खास बना दिया। आखिर उन्होंने चुनाव और गौमाता को लेकर ऐसा क्या कहा, जिसने पूरे दिन चर्चा बटोरी?
गौ रक्षा और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के उद्देश्य से निकली जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गविष्ठि (धर्मयुद्ध गौ रक्षा भारत) यात्रा बुधवार को गाजियाबाद और बागपत जनपद में रही। दिनभर चली इस यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी साफ नजर आया। शंकराचार्य ने कहा कि आने वाले चुनावों में हिंदू समाज उसी राजनीतिक दल और उम्मीदवार का समर्थन करेगा, जो गौमाता की रक्षा के लिए ठोस और स्पष्ट कदम उठाएगा। यात्रा की शुरुआत गाजियाबाद के लोनी विधानसभा क्षेत्र से हुई, जहां शंकराचार्य ने सोमवार रात विश्राम किया था। इसके बाद उनका काफिला मुरादनगर और मोदीनगर से होकर बागपत पहुंचा। यहां यात्रा ने बागपत सदर, छपरौली और बड़ौत विधानसभा क्षेत्रों में जनसंपर्क किया। दिनभर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया, जबकि सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने भी उनका अभिनंदन किया।
गौमाता को सम्मान देने वाले की बनेगी सरकार
बुधवार को यात्रा ने कुल पांच विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। हर पड़ाव पर शंकराचार्य ने लोगों से गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने के अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। शंकराचार्य ने कहा कि आने वाले समय में वही सरकार बनेगी जो गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अब उन नेताओं और राजनीतिक दलों का समर्थन करेगा, जो गौमाता के सम्मान और संरक्षण के लिए स्पष्ट नीति लेकर सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी गविष्ठि यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देशभर में गौ रक्षा को लेकर जनजागरण अभियान के रूप में निकाली जा रही है और इसे लगातार जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
राम मंदिर ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल
यात्रा के दौरान अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सवाल पर भी शंकराचार्य ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए ट्रस्ट का संचालन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित अनियमितताओं की खबरें सामने आई हैं। यदि ऐसा हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
- मुरादनगर में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष विनीत त्यागी, शिवसेना उत्तर प्रदेश अध्यक्ष महेश आहूजा और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुशवाह ने शंकराचार्य का स्वागत किया।
- मोदीनगर में समाजसेवी अशोक चौधरी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने उनका अभिनंदन किया।
- बागपत सदर के पक्का घाट स्थित श्री शंकराचार्य आश्रम में गौ सेवक उद्धव स्वरूप ब्रह्मचारी, ज्वैलरी व्यवसायी रमेश वर्मा, गोपाल वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाशवीर चौधरी और ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष पंडित राधेश्याम शर्मा ने उनका स्वागत किया। यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
- छपरौली में रामहरी पवार, जबकि बड़ौत में कांग्रेस नेता रामकुमार चौधरी और गुर्जर समाज के प्रतिनिधि कपिल बंसल ने शंकराचार्य का स्वागत किया।
बड़ौत में शंकराचार्य ने किया रात्रि विश्राम
दिनभर गाजियाबाद और बागपत के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क और स्वागत कार्यक्रमों के बाद यात्रा का समापन बड़ौत विधानसभा क्षेत्र में हुआ, जहां शंकराचार्य का रात्रि विश्राम निर्धारित किया गया। 81 दिनों तक चलने वाली यह गविष्ठि यात्रा देशभर में गौ संरक्षण के मुद्दे पर जनजागरण का अभियान चला रही है। बुधवार का कार्यक्रम धार्मिक आस्था, जनसमर्थन और राजनीतिक संदेश के चलते चर्चा का विषय बना रहा।
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